नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र सरकार ने नीति आयोग की तर्ज पर महाराष्ट्र इंफॉर्मेशन एंड ट्रांसफॉर्मेशन (मित्र) संस्था की स्थापना की थी। इस संस्था के उपाध्यक्ष पद पर बिल्डर अजय अशर की नियुक्ति तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की थी। लेकिन अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा फैसला लेते हुए अजय अशर को मित्र के नियमित बोर्ड से हटा दिया है। यह फैसला सामने आते ही एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के बीच चल रहे मतभेद को उजागर कर दिया है।
कौन हैं अजय अशर
अजय अशर ठाणे के एक प्रमुख बिल्डर हैं और किसननगर क्षेत्र में कई निर्माण परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं। एकनाथ शिंदे और अजय अशर के बीच करीबियां तब बढ़ गई जब एकनाथ शिंदे विधायक बन चुके थे। जब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बने थे तो उन्होंने अजय अशर को महाराष्ट्र इंफॉर्मेशन एंड ट्रांसफॉर्मेशन (मित्र) संस्था का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। अब फडणवीस सरकार ने उनकी नियुक्ति को खत्म कर दिया है। अशर की जगह अब दिलीप वलसे पाटील, राणा जगजितसिंह पाटील और राजेश क्षीरसागर को मित्र संस्था का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
शिंदे और फडणवीस में चल रहे हैं मतभेद
एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के बीच लगातार शीत युद्ध चल रहा है। हाल ही में एकनाथ शिंदे ने अपने तल्ख तेवर दिखाए थे। उन्होंने सरकार पर बिना नाम लिए कहा था कि मुझे हल्के में लेने की गलती मत करना, जिन्होंने मुझे हल्के में लिया था उन्हें भुगतना पड़ा है। इसके बाद फडणवीस की ओर से भी तल्खी देखने को मिली थी। दरअसल मंत्रियों के ओएसडी और निजी सचिव के लिए देवेंद्र फडणवीस के सामने 125 नाम सामने आए थे। जिसमें से उन्होंने 116 नामों को मंजूरी दे दी थी जबकि 9 नामों को यह कहकर नकार दिया गया कि मैं दलालों को इतनी अहम जिम्मेदारी नहीं दूंगा। इन 9 नामों में से ज्यादातर नाम शिंदे के द्वारा दिए गए थे।





