नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश की सर्वोच्च विधायिका संसद की सुरक्षा में शुक्रवार सुबह उस समय भारी सेंध लग गई, जब एक संदिग्ध युवक पेड़ के सहारे चढ़कर दीवार फांदता हुआ परिसर के भीतर घुस आया। हैरान करने वाली बात यह रही कि वह सुरक्षा घेरा पार कर सीधे नए संसद भवन के गरुड़ द्वार तक पहुंच गया। बता दें, यह वही प्रवेश द्वार है, जहां से सांसद और विशिष्ट अतिथियों का आना-जाना होता है।
यह सनसनीखेज घटना सुबह करीब 6:30 बजे की है। चश्मदीदों के अनुसार, युवक ने रेल भवन की ओर से लगे एक पेड़ का सहारा लिया और सुरक्षा दीवार को फांदते हुए परिसर में प्रवेश किया। कुछ ही पलों में वह संसद भवन के बेहद करीब पहुंच चुका था। खैर हुई कि, CISF के मुस्तैद जवानों की नजर समय रहते उस पर पड़ गई और उन्होंने तुरंत उसे काबू में कर लिया।
CISF ने दिखाई चौकसी, पुलिस कर रही पूछताछ
पकड़े गए युवक को तुरंत संसद मार्ग थाना ले जाया गया, जहां दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने उससे लंबी पूछताछ शुरू की है। सूत्रों के अनुसार, युवक की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। उसके पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां कोई जोखिम नहीं लेना चाहतीं। सभी कोणों से जांच की जा रही है मानसिक स्थिति, इरादा, और किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं था, इन पहलुओं पर जांच जारी है।
संसद सत्र के ठीक बाद की घटना, सुरक्षा पर सवाल
गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र ठीक एक दिन पहले, यानी गुरुवार, 21 अगस्त 2025 को समाप्त हुआ था। 21 जुलाई से शुरू हुए इस सत्र के दौरान कुल 21 बैठकें हुईं। जहां विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने कई अहम विधेयक पारित किए। सत्र समाप्त होने के एक दिन बाद जब परिसर अपेक्षाकृत शांत था, उसी समय यह सुरक्षा चूक सामने आई।
क्या है असली मंशा? जांच में जुटी एजेंसियां
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर उस व्यक्ति का उद्देश्य क्या था? क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था या फिर केवल एक मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति की करतूत? दिल्ली पुलिस, IB और संसद सुरक्षा विभाग इसकी गहराई से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने सुरक्षा घेराबंदी कर समीक्षा शुरू कर दी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर संसद की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पेड़ के सहारे दीवार फांदना कोई सामान्य बात नहीं है। इससे यह मालूम होता है कि, कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा ढांचे की खामियां अभी भी बनी हुई हैं। जहां विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह घटना आने वाले दिनों में संसद सुरक्षा को लेकर नई नीतियों और सख्ती की राह खोल सकती है। एक तरफ देश को सुरक्षित रखने वाली संसद की किलेबंदी है, तो दूसरी ओर एक व्यक्ति का इस तरह से भीतर पहुंच जाना चेतावनी से कम नहीं। अब देखना यह होगा कि जांच में क्या सामने आता है और सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाते हैं।




