नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । हाल ही में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कावाडि़यो के मार्ग पर सभी दुकानदारों और होटलों को आदेश दिया था कि, वह सभी दुकान और होटल वालें अपनी दुकानों के सामने अपना एक क्यूआर कोड लगााएं। सीएम के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। जिस पर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है।
सावन महीने में कांवड़ यात्रा चल रही है। शिव भक्त इस महीने को पवित्र और कठिन मानते है। तो वहीं, कावड़ मार्ग को लेकर मामले सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। अब कावड़ यात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित दुकानों में क्यूआर कोड लगाने के फैसले के सही करार दिया है। यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस तरह से यह आदेश दिया था, जिसे प्रोफेसर अपूर्वानंद समेत कई लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
इस मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। मामले में कोर्ट ने कहा कि, दुकानदारों को क्यूआर कोड और अपना लाइसेंस लगाना चाहिए। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। अब यूपी सरकार की ओर से जारी आदेश जारी रहेगा। हालांकि, इस फैसले का अब कोई खास असर नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि बुधवार को कांवड़ यात्रा का महाशिवरात्रि के साथ समापन होना है।
फिर भी कोर्ट ने यह फैसला आने वाले सालों के लिए लागू हो सकता है। योगी सरकार ने बीते साल भी एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि दुकानदारों को अपना नाम बोर्ड पर लिखना होगा। सीएम के इस तरह के आदेश के खिलाफ कोर्ट का रुख किया गया था।
लेकिन इस दौरान तब सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले को गलत करार दिया था। हालांकि, तब भी फैसला आते-आते कांवड़ यात्रा का समापन हो गया था। फिर भी अदालत का आदेश ऐसे मामलों में भविष्य के लिए एक नजीर होता है।




