नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। रणवीर अलाहाबादिया ने इंडियाज गॉट लेटेंट शो पर एक ऐसा अभद्र औऱ अश्लील बयान दिया था जिसके बाद उनके खिलाफ कई राज्यों में FIR दर्ज की गई। अलाहाबादिया ने इस FIR को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर अलाहाबादिया की सशर्त गिरफ्तारी से रोक तो लगा दी है। हालांकि कोर्ट ने इसपर मामले पर तीखी टिप्पणी भी की। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि इन लोगों के दिमाग में गंदगी भरी हुई है। कोर्ट ऐसे लोगों का केस क्यों सुने।
SC ने गिरफ्तारी से राहत दी
जस्टिस सूर्यकांत ने रणवीर अलाहाबादिया की अभद्र टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इनके दिमाग में गंदगी भरी हुई है। अगर आप पॉपुलर हैं तो इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप जो मन में आए बोल सकते हैं। आप लोगों के माता-पिता का अपमान कर रहे हैं। जो भी टिप्पणी की गई है वह विकृत मानसिकता का प्रदर्शन है। हालांकि कोर्ट की तीखी प्रतिक्रिया देखकर अंदाजा लगाया जा रहा था कि कोर्ट किसी भी प्रकार की राहत देने के मूड में नहीं है। लेकिन SC ने रणवीर अलाहाबादिया को राहत देते हुए सशर्त उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। कोर्ट ने India’s Got Latent शो के प्रसारण पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया है। रणवीर को अपना पासपोर्ट थाने में दर्ज कराना होगा।
रणवीर के वकील पर भी बिफरा सुप्रीम कोर्ट
रणवीर के वकील अभिनव चंद्रचूड़ ने कोर्ट को जानकारी देते हुए बताया कि उनके क्लाइंट को जान से मारने की धमकियां दी जा रही है। उनके ऊपर ईनाम रखा जा रहा है। कोर्ट के द्वारा जब पूछा गया कि क्या आप इस टिप्पणी का समर्थन कर रहे है? तो वकील अभिनव चंद्रचूड़ ने कहा कि “निजी तौर पर मैं इस टिप्पणी का समर्थन नहीं करता। लेकिन क्या यह इतना बड़ा मुद्दा है कि आरोपी पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाए।”




