नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया का केस अभिनव चंद्रचूड़ लड़ रहे हैं। अभिनव पूर्व CJI डीवाय चंद्रचूड़ के बेटे हैं। 14 फरवरी को अभिनव सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया के लिए पेश हुए। यह सुप्रीम कोर्ट में आठ साल में अभिनव चंद्रचूड़ का पहला केस है। दरअसल, साल 2016 में पूर्व CJI डीवाय चंद्रचूड़ सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किए गए थे, उनके सुप्रीम कोर्ट में जज बनने के बाद उनके बेटे अभिनव चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट में कोई केस नहीं लड़ा।
कौन हैं अभिनव चंद्रचूड़
अभिनव ने हावर्ड लॉ स्कूल से लॉ में मास्टर्स किया है। इसके अलावा उन्हें स्टैनफोर्ड लॉ स्कूल से भी पढ़ाई की है। अभिनव बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। पूर्व CJI के दूसरे बेटे चिंतन चंद्रचूड़ भी वकील हैं। अपनी फेयरवेल स्पीच में जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा था कि उन्होंने अपने बेटों से रिक्वेस्ट की थी कि वो सुप्रीम कोर्ट में कोई केस लड़ें, ताकि वो उन्हें प्रैक्टिस करते देख सकें। हालांकि, दोनों बेटे ये नहीं चाहते थे कि उनके पिता की प्रोफेशनल इंटेग्रिटी पर कोई सवाल उठे, इसलिए उनके जज रहने के दौरान उन दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में कोई केस नहीं लड़ा। हाल ही में बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में पूर्व CJI ने बताया था कि जब उनके पिता सुप्रीम कोर्ट में जज थे तब उन्होंने भी लंबे समय तक सुप्रीम कोर्ट में कदम नहीं रखा था।
वकालत के साथ-साथ अभिनव लेखन भी करते हैं। उनकी लिखी किताबों में ‘रिपब्लिक ऑफ रेटरिक’ और ‘द सुप्रीम व्हिस्पर्स- कॉन्वर्सेशन विद जजेस ऑफ द सुप्रीम कोर्ट’ शामिल हैं।
रणवीर इलाहाबादिया मामला
रणवीर इलाहाबादिया मामले में बात करे तो, मुंबई पुलिस ने रणवीर इलाहाबादिया को एक यूट्यूब शो के दौरान की गई विवादास्पद बयान के लिए पूछताछ के लिए बुलाया। जिसमें पुलिस ने पहले उन्हें गुरुवार को पेश होने के लिए कहा था, लेकिन जब पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ दूसरा समन जारी किया गया। जहां बता दे कि, मुंबई, असम की पुलिस टीमों के रणवीर इलाहाबादिया के घर पहुचने पर ताला लटका मिला।
‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो
बता दे कि यह विवाद इलाहाबादिया द्वारा कॉमेडियन समय रैना के अब डिलीट हो चुके ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो पर की गई बयान से हुआ है। उनकी अभद्र भाषा को भारत के संसकृति के लिए असभ्य और आपत्तिजनक माना गया, जिससे जनता में भी आक्रोश फैलने से कई शिकायतें सामने आईं। मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने गुरुवार को महाराष्ट्र के साइबर विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की। वही इसपर सर्वोच्च न्यायालय ने अभी तक उस याचिका पर सुनवाई के लिए कोई निश्चित तिथि तय नहीं की है, जिसमें अभिनव चंद्रचूड़ मुख्य न्यायाधीश खन्ना के समक्ष इस केस से संबंधित पेश हुए थे।




