नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर न सिर्फ अपने बल्ले से बल्कि अपनी अनोखी प्रेम कहानी से भी लोगों के दिलों में बसे हैं। ‘लिटिल मास्टर’ के नाम से मशहूर इस पूर्व कप्तान ने अपनी बल्लेबाजी से भारत को कई यादगार जीत दिलाई। टेस्ट क्रिकेट में सबसे पहले 10,000 रन का आंकड़ा छूने वाले गावस्कर को उनके रिकॉर्ड्स के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि क्रिकेट से पहले गावस्कर की दिलचस्पी रेसलिंग में थी। लेकिन किस्मत उन्हें क्रिकेट के मैदान तक ले आई और यहीं से शुरू हुई एक फिल्मी सी लव स्टोरी।
दरअसल, एक मैच के दौरान जब सुनील गावस्कर से मार्शलीन मेहरोत्रा नाम की एक लड़की ऑटोग्राफ लेने आई, तो गावस्कर पहली ही नजर में उसे दिल दे बैठे। इसके बाद उन्होंने उस लड़की से मिलने के लिए कानपुर की गलियों में कई दिन तक चक्कर लगाए। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और दोनों ने एक-दूसरे को जीवनसाथी चुन लिया और बाद में दोनों ने शादी रचाई।
स्टेडियम में हुई पहली मुलाकात
मार्शलीन मेहरोत्रा मूल रूप से कानपुर की रहने वाली हैं, जहां उनके पिता चमड़े के कारोबार से जुड़े थे। उनकी और सुनील गावस्कर की पहली मुलाकात साल 1973 में एक क्रिकेट मैच के दौरान स्टेडियम में हुई थी। उस समय मार्शलीन दिल्ली के प्रसिद्ध लेडी श्रीराम कॉलेज में ग्रेजुएशन कर रही थीं और अपने दोस्तों के साथ मैच देखने आई थीं। लंच ब्रेक के दौरान गावस्कर स्टूडेंट्स गैलरी के पास खड़े थे, तभी मार्शलीन ने उन्हें पास से देखा और ऑटोग्राफ लेने के लिए उनके पास चली गईं। कहा जाता है कि गावस्कर ने सिर्फ ऑटोग्राफ ही नहीं दिया, बल्कि उसी पल दिल भी हार बैठे। हालांकि उस वक्त मार्शलीन को अंदाजा भी नहीं था कि सामने खड़ा यह क्रिकेटर उन्हें चुपचाप पसंद करने लगा है।
मार्शलीन से मिलने कानपुर तक चले गए थे सुनील गावस्कर
स्टेडियम में मार्शलीन को देख कर गावस्कर ने उनके बारे में जानकारी जुटाई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्शलीन को देखने के बाद सुनील गावस्कर कानपुर तक चले गए थे। कई अखबारों में यह खबरें छपीं कि गावस्कर अपनी प्रेमिका से मिलने कानपुर आते थे और अपने दोस्त अजय गुप्ता के घर ठहरते थे। वे मार्शलीन के घर के आसपास भी कई बार घूमते नजर आए।
साल 1974 में एक इंटरव्यू में गावस्कर के मित्र अजय गुप्ता ने बताया था कि कैसे गावस्कर ने उन्हें अपने और मार्शलीन के रिश्ते के बारे में बताया था। उन्होंने अजय से कहा था कि कानपुर में होने वाले मैच के लिए मार्शलीन के परिवार के लिए टिकटों का इंतजाम करें। गौरतलब है कि गावस्कर शुरू में क्रिकेटर बनने की बजाय पहलवान बनने के सपने देख रहे थे। लेकिन बाद में अपने मामा माधव मांत्री की भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी देखकर उन्हें प्रेरणा मिली और क्रिकेट उनके जुनून में बदल गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सुनील गावस्कर ने कानपुर में मार्शलीन से शादी के लिए उनके परिवार के सामने ही प्रस्ताव रखा था। कहा जाता है कि गावस्कर ने कानपुर में आयोजित एक टेस्ट मैच के दौरान मार्शलीन के परिवार को स्टेडियम बुलाया था। मैच खत्म होने के बाद उन्होंने मार्शलीन को शादी के लिए प्रस्ताव रखा। मार्शलीन के परिवार वाले भी इस रिश्ते को स्वीकार कर शादी के लिए सहमत हो गए। आखिरकार 23 सितंबर 1974 को सुनील गावस्कर और मार्शलीन मेहरोत्रा ने विवाह कर लिया। शादी के दो साल बाद, यानी 1976 में, वे एक बेटे के माता-पिता बने।





