नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और प्रदर्शन पर स्पीकर ओम बिड़ला ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने दल के सदस्यों को समझाएं कि संसद में उनका काम तख्तियां लहराना या पर्चियां फेंकना नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दे उठाना है।
ओम बिड़ला का सख्त रुख
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान बार-बार हो रही नारेबाजी और व्यवधान पर विपक्षी सांसदों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा, “देश यह जानना चाहता है कि प्रश्नकाल को बार-बार नियोजित तरीके से बाधित क्यों किया जा रहा है?” कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर लगातार हंगामा करते रहे। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई और प्रश्नकाल की शुरुआत हुई, विपक्षी सदस्य ‘SIR वापस लो’ के नारे लगाने लगे। लोकसभा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से अपील की कि वे अपने दल के सदस्यों को अनुशासन में लाएं और सदन की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करें।
“क्या ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा नहीं करना चाहते?” – लोकसभा स्पीकर
ओम बिड़ला ने सवाल उठाया कि क्या वे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा से बचना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “क्या आप सदन बाधित करना चाहते हैं? क्या ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा नहीं करना चाहते? आप लोग खुद चर्चा की मांग कर रहे थे, फिर अब सदन क्यों नहीं चलने दे रहे?” बिड़ला ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से कहा, “माननीय नेता प्रतिपक्ष, आप अपने नेताओं को समझाएं कि उन्हें संसद में पर्चियां फेंकने और तख्तियां लहराने के लिए नहीं भेजा गया है।”
लोकसभा स्पीकर की विपक्ष को कड़ी चेतावनी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों को सख्त शब्दों में फटकार लगाई। उन्होंने नारेबाजी कर रहे सदस्यों से कहा, “आप नियोजित तरीके से सदन को बाधित करते हैं, संसद की गरिमा को गिराते हैं और चर्चा नहीं होने देना चाहते।” उन्होंने आगे कहा, “देश यह जानना चाहता है कि क्या आप जानबूझकर प्रश्नकाल नहीं चलने देना चाहते? प्रश्नकाल में माननीय सदस्यों को बोलने नहीं दिया जा रहा है, जो कि पूरी तरह अनुचित है।” बिरला ने सदन की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा, “यह सदन 140 करोड़ देशवासियों की आवाज है। यह किसी एक दल का नहीं, पूरे देश का मंच है और इसकी गरिमा हम सभी की जिम्मेदारी है।”




