नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । स्पेस स्टेशन से लौटे भारतीय वैज्ञानिक शुभांशु शुक्ला का लखनऊ में सोमवार सुबह जोरदार स्वागत हुआ। वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ लखनऊ पहुंचे, जहां यूपी के उपमुख्यमंत्री समेत हजारों लोगों ने एयरपोर्ट पर तिरंगे और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य अभिनंदन किया। बैंड की गूंज, भारत माता की जय के नारों ने माहौल को और भी खास बना दिया। हालांकि सुरक्षा कारणों से उन्हें अपने घर जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
शुभांशु आज लखनऊ में आयोजित विक्ट्री परेड में भाग ले रहे हैं, जहां वे एक विशेष कार में सवार होकर परेड का हिस्सा बन रहे हैं। उनके परिवार के लिए एक अलग ओपन जीप की व्यवस्था की गई है। इस भव्य आयोजन की सुरक्षा के लिए पुलिस का कड़ा बंदोबस्त किया गया है। परेड में स्कूली बच्चे भी हिस्सा लेंगे, जो एस्ट्रोनॉट की वेशभूषा में नजर आ रहे हैं, जिससे कार्यक्रम का आकर्षण और बढ़ा है।
शुभांशु शुक्ला ने कहा- “मैं बहुत उत्साहित हूं”
विक्ट्री परेड में शामिल होने से पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने मीडिया से खास बातचीत में अपने जज्बात साझा किए। उन्होंने कहा, “मैं बहुत उत्साहित हूं।” इस भव्य आयोजन का उद्देश्य शुभांशु की ऐतिहासिक उपलब्धियों का सम्मान करना और उनके योगदान को देश के सामने रेखांकित करना है। हालांकि, सुरक्षा कारणों के चलते प्रशासन ने उन्हें उनके घर जाने की अनुमति नहीं दी है। सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। शुभांशु अब सीधे विक्ट्री परेड में हिस्सा ले रहे हैं।
शुभांशु आज दोपहर करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस, CM योगी से भी हो सकती है मुलाकात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सम्मान समारोह के बाद शुभांशु आज दोपहर 12 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें वह मीडिया से बातचीत करेंगे। इसके बाद शुभांशु उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लोक भवन में मुलाकात कर सकते हैं।
बता दें कि शुभांशु को एक्सिओम-4 मिशन के लिए प्राइम एस्ट्रोनॉट के रूप में चुना गया था। यह मिशन नासा, स्पेसएक्स और एक्सिओम स्पेस के सहयोग से 25 जून 2025 को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ था। इस मिशन में शुभांशु ने मिशन पायलट की भूमिका निभाई, जबकि कमांडर थीं अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन। उनके साथ पोलैंड के स्लावोज उज्नांस्की-विस्निवस्की और हंगरी के टिबोर कपु भी टीम का हिस्सा थे। 18 दिनों तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर रहते हुए शुभांशु ने सात भारतीय वैज्ञानिक प्रयोग किए, जिनमें माइक्रोएल्गी पर रिसर्च, मूंग और मेथी का अंकुरण, सूक्ष्मजीवों का व्यवहार और माइक्रोग्रैविटी में मानव मांसपेशियों पर प्रभाव का अध्ययन शामिल था।
ISS पहुंचने वाले पहले भारतीय बने शुभांशु शुक्ला
लखनऊ में जन्मे शुभांशु शुक्ला ने इतिहास रचते हुए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बनने का गौरव प्राप्त किया है। एक्सिओम-4 मिशन के तहत की गई इस ऐतिहासिक उड़ान में मिशन पायलट के रूप में शामिल रहे शुभांशु ने अपने अनुभव को “बेहद उत्साहजनक और अविस्मरणीय” बताया। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण है।





