नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। गुजरात्त के जामनगर के जाम साहब शत्रुसाल्य सिंह ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा को अपना वारिस चुन लिया है। उन्होंने ऐलान किया कि अजय जडेजा नवानगर के अगले जाम साहब होंगे। वर्तमान जाम साहब शत्रुसाल्य सिंह अजय जडेजा के पिता दौलत सिंह के चचेरे भाई हैं।
जडेजा परिवार का है क्रिकेट से गहरा नाता
अजय जडेजा जिस राज घराने से आते हैं उसका क्रिकेट से गहरा नाता है। अजय महाराज रणजीत सिंह के परिवार से ताल्लुक रखते हैं। महाराजा रणजीत सिंह के नाम पर ही भारत की सबसे प्रतिष्ठित डोमेस्टिक सीरीज़ रणजी ट्रॉफी खेली जाती है। महाराज रणजीत सिंह आजादी से पहले इंग्लैंड की टीम के लिए क्रिकेट खेला करते थे। रणजीत सिंह ने अपने भतीजे दिग्विजय सिंह को गोद लेकर उन्हें अपना उत्तराधिकारी बनाया था।
महाराज दिग्विजय सिंह भी फर्स्ट क्लास क्रिकेटर रहे और वो BCCI के अध्यक्ष भी रहे। उनके बेटे शत्रुसाल्य सिंह जो अभी जाम साहब हैं वो भी फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल चुके हैं। वहीं, दुलीप सिंह, जिनके नाम पर दुलीप ट्रॉफी खेली जाती है वो भी नवानगर राजघराने से ही आते हैं। वो महाराजा रणजीत सिंह से भतीजे हैं और वर्तमान जाम साहब शत्रुसाल्य सिंह उनके भतीजे हैं।
अजय जडेजा को क्यों चुना गया जाम साहब?
वर्तमान जाम साहब शत्रुसाल्य सिंह साल 1966 में नवानगर के महाराज बने। 1971 में राजशाही खत्म कर दी गई, इसके बाद वो जाम साहब बने। जाम साहब शत्रुसाल्य सिंह की कोई संतान नहीं है, ऐसे में उन्हें अपने वारिस का चुनाव करना था। उन्होंने अजय जडेजा को चुना। कहा जा रहा है कि शत्रुसाल्य सिंह अजय जडेजा के व्यवहार से प्रभावित थे, इसलिए उन्होंने उन्हें अपना उत्तराधिकारी चुना है।
अजय जडेजा साल 1992 से 2000 तक भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने भारत के लिए 15 टेस्ट और 196 वन डे मैच खेले हैं। वह 1995 में एशिया कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे। साल 2000 में मैच फिक्सिंग के आरोपों के बाद अजय जडेजा पर पांच साल का बैन लगा था। साल 2003 में दिल्ली हाई कोर्ट ने बैन हटा दिया था लेकिन अजय जडेजा टीम इंडिया में वापसी नहीं कर पाए। बाद में उन्होंने रणजी मैच खेले। साल 2023 में उन्हें अफगानिस्तान क्रिकेट टीम का असिस्टेंट कोच बनाया गया।




