नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क। कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य शशि थरूर ने सोमवार को स्पष्ट किया कि वह कभी भी पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग नहीं रहे हैं। हाल के दिनों में उनके कुछ बयानों और लेखों को लेकर पार्टी को सफाई देनी पड़ी थी, जिसके बाद उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा सुल्तान बाथरी में आयोजित ‘लक्ष्य 2026’ नेतृत्व शिविर में हिस्सा लेने के बाद थरूर ने मीडिया से बातचीत की। यह कार्यक्रम आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति को लेकर आयोजित किया गया था। इस दौरान शशि थरूर ने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव हारने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा से जुड़े विवाद और पार्टी के भीतर उठे सवालों पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके विचारों को पार्टी विरोधी नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
पार्टी विचारधारा पर शशि थरूर का जवाब
शशि थरूर ने पार्टी लाइन को लेकर उठ रहे सवालों पर साफ कहा कि उन्होंने कभी कांग्रेस की विचारधारा से अलग जाकर कोई बात नहीं कही। उनका कहना था कि उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय जरूर रखी है, लेकिन अधिकांश मामलों में उनका और पार्टी का रुख एक जैसा ही रहा है।
शशि थरूर ने यह भी स्पष्ट किया कि संसद में मंत्रियों से पूछे गए सवाल किसी तय दिशा और उद्देश्य के साथ थे, इसलिए पार्टी को उनसे असहज होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने विवादों के लिए मीडिया रिपोर्टिंग के तरीके को भी जिम्मेदार ठहराया। शशि थरूर के अनुसार, कई बार बिना पूरा संदर्भ समझे सिर्फ सुर्खियों के आधार पर बातें बढ़ा दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि जब लोग पूरा लेख या बयान पढ़ते हैं, तब असली मुद्दा उनके सामने आता है। कांग्रेस सांसद ने यह भी बताया कि वह पिछले 17 वर्षों से पार्टी से जुड़े हैं और पार्टी के भीतर उनके सहयोगियों के साथ संबंध मजबूत रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी तरह की जल्दबाजी या गलतफहमी पैदा करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
शशि थरूर ने हर विवाद पर दी सफाई
कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर उठे सवालों पर शशि थरूर ने कहा कि पार्टी हमेशा से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन करती आई है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस के इतिहास में कई बार आंतरिक चुनाव हुए हैं, जिनमें नेताओं को जीत और हार दोनों का सामना करना पड़ा है। थरूर ने कहा कि उन्होंने चुनाव लड़ा, परिणाम स्वीकार किया और मामला वहीं समाप्त हो गया।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के समर्थन में की गई टिप्पणी को लेकर थरूर ने स्पष्ट किया कि यह उनके 98वें जन्मदिन पर शिष्टाचार के तौर पर कही गई बात थी। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों का सम्मान करना सिखाया जाता है और उन्होंने उसी भावना से यह टिप्पणी की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित प्रशंसा से जुड़े विवाद पर थरूर ने कहा कि उन्होंने केवल एक सार्वजनिक मंच पर कही गई बातों को दोहराया था। उनका कहना था कि अगर कोई पूरा बयान या पोस्ट पढ़े, तो साफ हो जाएगा कि उसमें प्रधानमंत्री की प्रशंसा जैसी कोई बात नहीं कही गई थी।
केरल विधानसभा चुनाव पर शशि थरूर का बयान
केरल विधानसभा चुनाव और उम्मीदवारों के चयन को लेकर शशि थरूर ने कहा कि इस प्रक्रिया में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से व्यापक चर्चा की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य स्तर के नेताओं के साथ उनके संबंध सकारात्मक और सहयोगपूर्ण हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह स्वयं विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, तो शशि थरूर ने कहा कि कुछ सांसद इस विकल्प पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय पूरी तरह पार्टी नेतृत्व के हाथ में होगा। उन्होंने साफ किया कि इस तरह के फैसले संगठन की सामूहिक रणनीति के तहत ही लिए जाते हैं।
केरल सरकार को लेकर भी दिया बयान
शशि थरूर ने कहा कि उनका फोकस उन लोगों पर है जो बेहतर भविष्य की तलाश में केरल छोड़कर दूसरे राज्यों या देशों में जा रहे हैं। उनके अनुसार, राज्य के विकास के लिए निवेश को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है। थरूर ने कहा, “केरल का असली विकास तभी संभव है जब युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर होंगे।” सांसद ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारी कर्ज और सीमित बजट विकास परियोजनाओं में बाधा डालते हैं। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस जनता के साथ मिलकर राज्य में मजबूत प्रदर्शन करेगी और यूडीएफ सत्ता में आएगा।
कांग्रेस द्वारा 100 सीटें जीतने के दावे पर थरूर ने कहा कि यह नेता प्रतिपक्ष का अनुमान था और इसे असंभव नहीं माना जा सकता। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी में योग्य नेताओं की कोई कमी नहीं है और अंतिम निर्णय विधायकों से सलाह-मशविरा करने के बाद लिया जाएगा। राजनीतिक सक्रियता के बारे में पूछे जाने पर थरूर ने कहा कि संसदीय जिम्मेदारियों के बावजूद वह केरल में सक्रिय रहेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि 2021 के कोविड-19 संकट के दौरान भी उन्होंने 56 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया था और इस बार और अधिक सक्रियता दिखाई जाएगी। शशि थरूर के बयानों और लेखों को लेकर राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कांग्रेस में कुछ आलोचनाएं उठती रही हैं, लेकिन उन्होंने बार-बार पार्टी लाइन के प्रति अपनी वफादारी जताई है।




