नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश की सियासत और धर्म की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने योगी आदित्यनाथ सरकार को 40 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि अगर सरकार गौ माता को राज्य माता घोषित नहीं करती है तो उसे छद्म हिंदू घोषित किया जाएगा। शंकराचार्य ने इस दौरान सरकार पर गौ रक्षा में ढिलाई और गौ मांस के मामले में गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
40 दिन में यह प्रमाण नहीं दे पाती तो वह “नकली हिंदू” साबित हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि अब वह सरकार से हिंदू होने का प्रमाण मांग रहे हैं और यह प्रमाण सिर्फ भाषण या भगवा पहनने से नहीं दिखता, बल्कि गौ सेवा और गो रक्षा से सिद्ध होता है। शंकराचार्य ने कहा कि हिंदू होने की पहली शर्त है “गोत्र गौ रक्षक होना” और इस आधार पर सरकार को 40 दिन में प्रमाण देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार 40 दिन में यह प्रमाण नहीं दे पाती तो वह “नकली हिंदू” और “कालनेमि” साबित हो जाएगी।
गाय के मांस को भैंस का मांस बताकर बचाव कर रही है।
अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी सरकार पर आरोप लगाया कि वह गाय के मांस को भैंस का मांस बताकर बचाव कर रही है। उन्होंने कहा, “गाय का मांस बेचकर आप डॉलर से राम राज्य की स्थापना करेंगे।” शंकराचार्य ने यह भी कहा कि भारत से गौ मांस का निर्यात जो हो रहा है, उसमें लगभग आधा हिस्सा उत्तर प्रदेश से आता है, इसलिए सरकार को बताना होगा कि वह हिंदू है या नहीं।
24 घंटे में उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा गया था
शंकराचार्य ने यह भी कहा कि 24 घंटे में उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा गया था, जिसका जवाब उन्होंने दे दिया और अब वही प्रमाण सरकार को देना होगा। उन्होंने कहा कि 10 मार्च तक अगर गौ माता को राज्य माता घोषित नहीं किया गया तो वे दिल्ली जाने की बजाय लखनऊ में संत महंत आचार्य के साथ बैठक कर आगे का निर्णय लेंगे।
सत्तारूढ़ सरकार के लिए एक नया चुनौतीपूर्ण मोड़ पेश किया है।
इस बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद पैदा कर दिया है, खासकर तब जब राज्य में आगामी चुनाव और धार्मिक मुद्दों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। शंकराचार्य की मांग और अल्टीमेटम ने सत्तारूढ़ सरकार के लिए एक नया चुनौतीपूर्ण मोड़ पेश किया है।




