नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । दिल्ली कूच की जिद पर अड़े आंदोलनकारी किसानों के लिए शंभू बॉर्डर नहीं खुलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने शंभू बॉर्डर सहित पंजाब के बंद नेशनल हाइवेज को खोलने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पहले से ही एक याचिका लंबित है, इसलिए नई याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकती।
पंजाब निवासी गौरव लूथरा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसमें केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और हरियाणा सरकार को सीमाएं खोलने का निर्देश देने की मांग की गई थी। इस याचिका में तर्क दिया गया था कि बॉर्डर बंद करना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
शंभू बॉर्डर से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसी मुद्दे पर उसके समक्ष पहले से ही एक जनहित याचिका लंबित है और मामले में कुछ पहल की गई है। शीर्ष अदालत ने कहा कि मामला पहले से ही अदालत में लंबित है और वे एक ही मुद्दे पर बार-बार याचिकाओं पर विचार नहीं कर सकते। इस याचिका में पंजाब के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर अवरोधों को तत्काल हटाने और आम जनता के लिए सुगम यातायात सुनिश्चित करने की बात कही गई थी।
दिल्ली कूच की कोशिश में 9 किसान हुए थे घायल
गौरतलब है कि रविवार 8 दिसंबर को 101 किसानों के समूह ने फिर से दिल्ली कूच का प्रयास किया था। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच झड़प की घटनाएं सामने आई थीं। पंजाब सीमा पर हरियाणा के सुरक्षा बलों ने किसानों को रोक दिया था। इस दौरान सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने आंसू गैस और पानी की बौछार की थी। किसान नेताओं का कहना था कि पुलिस के इस बल प्रयोग में 9 किसान घायल हुए हैं, जिनमें से एक किसान को चंडीगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
किसान संगठनों की बैठक में तय होगी आगे की रणनीति
फिलहाल किसानों ने दिल्ली कूच की योजना को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। अब आगे की रणनीति के लिए आज किसान संगठनों की बैठक होनी है, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी। पंजाब के किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा विरोध के लिए अगली कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करेंगे।




