नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त 2024 को कोलकाता हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमे HC ने किशोरियों को अपनी सेक्स की इच्छा पर काबू रखने की सलाह दे डाली थी। देश के सर्वौच न्यायालय ने कोलकाता हाईकोर्ट को फटकार लगाते हुए इस टिप्पणी को रद्द कर दिया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग लड़की के साथ रेप करने वाले आरोपी की निचली अदालत से मिली 20 साल की सजा को बरकरार रखा है।
कोलकाता हाईकोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट से बरी कर दिया था
बता दें कि कोलकाता हाईकोर्ट ने इससे पहले अक्टूबर 2023 के अपने एक आदेश में आरोपी को नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीडन के मामले से बरी कर दिया था। कोलकाता हाईकोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट से बरी कर दिया था। यही नहीं कोलकाता हाईकोर्ट ने आरोपी को बरी करने के साथ ही सभी किशोरियों को अपनी सेक्स की इच्छा पर काबू रखने की सलाह तक दे दी थी। जिसको लेकर देश की सर्वौच न्यायालय ने कोलकाता हाईकोर्ट को फटकार लगाते हुए उसके फैसले को ही बदल डाला है।
सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता हाईकोर्ट के फैसले को बदल डाला है
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम पॉक्सो एक्ट के उचित तरीके का प्रयोग करने को लेकर व्यापक गाइडलाइंस जारी कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी जजों को इस गाइडलाइंस के हिसाब से अपने फैसले सुनाने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता हाईकोर्ट की किशोरियों के लिए की गई टिप्पणी को आपत्तिजनक बताया है। जिसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता हाईकोर्ट के फैसले को बदल डाला है।
ऐसा करके वे समाज की नजरों में लूजर साबित हो जाती हैं: HC
बता दें कि कोलकाता हाईकोर्ट ने अपने 18 अक्टूबर 2023 के आदेश में कहा था कि किशोरियों को अपनी यौन इच्छाओं पर काबू करना चाहिए। उन्हें 2 मिनट के यौन सुख के लिए ऐसा नहीं करना चाहिए। ऐसा करके वे समाज की नजरों में लूजर साबित हो जाती हैं। जिसके बाद कोलकाता हाईकोर्ट ने आरोपी को इस मामले से बरी कर दिया था। कोलकाता हाईकोर्ट ने निचली अदालत की सजा के आदेश को रद्द करके ही आरोपी को बरी कर दिया था।





