नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के संभल में शाही जामा मस्जिद परिसर में सर्वे को लेकर 24 नवंबर को भड़की हिंसा के बाद निलंबित की गई इंटरनेट सेवाएं शुक्रवार को शाम चार बजे बहाल कर दी गईं है। जिला प्रशासन ने यह कदम क्षेत्र में सामान्य होते हालातों को देखते हुए उठाया है। इसी बीच हिंसा के बारे में जानकारी जुटाने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज शनिवार को संभल का दौरा करने वाला है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने जिले में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाते हुए निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
शुक्रवार को शाम 4 बजे संभल में इंटरनेट सेवाएं बहाल
संभल के जिला सूचना अधिकारी बृजेश कुमार ने बताया कि “शुक्रवार को शाम 4 बजे संभल में इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं।” यह कदम शाही जामा मस्जिद और जिले के अन्य स्थानों पर शुक्रवार की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के कुछ ही घंटों बाद उठाया गया है। दरअसल, मुगलकालीन मस्जिद के सर्वेक्षण के बाद हिंसा भड़क गई थी। नमाज से पहले, जिला अधिकारियों ने लोगों से जामा मस्जिद में इकट्ठा होने के बजाय आस-पास की मस्जिदों में नमाज अदा करने की अपील की थी। स्थिति पर नजर रखने के लिए पुलिस कर्मियों के अलावा मस्जिद के आसपास अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि निगरानी बढ़ाने और किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकने के लिए ड्रोन भी तैनात किए गए थे।
सपा के प्रतिनिधिमंडल के संभल दौरे पर रोक
अब समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल स्थिति का जायजा लेने के लिए संभल का दौरा करने जा रहा है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने एक बयान में कहा कि प्रतिनिधिमंडल पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर संभल का दौरा करेगा और बाद में उन्हें एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगा। प्रतिनिधिमंडल में विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे, विधान परिषद में विपक्ष के नेता लाल बिहारी यादव और सांसद जियाउर रहमान बर्क, हरेंद्र मलिक, रुचि वीरा, इकरा हसन और नीरज मौर्य जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं। अन्य सदस्यों में विधायक कमाल अख्तर, रविदास मेहरोत्रा, नवाब इकबाल महमूद और पिंकी सिंह यादव शामिल हैं। हालांकि प्रशासन ने इस दौरे के लिए अनुमति नहीं दी है। सपा का आरोप है कि प्रशासन ने पुलिस के जरिए उन्हें रोक कर रखा है।
हिंसा के बाद स्थगित कर दिया गया था दौरा
इससे पहले, हिंसा की निष्पक्ष जांच के संबंध में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के आश्वासन के बाद सपा ने अपना दौरा स्थगित कर दिया था। माता प्रसाद पांडे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि “मुझे आज सुबह 10 बजे संभल के लिए निकलना था, लेकिन इस बीच मैंने पुलिस महानिदेशक से बात की। उन्हें बताया गया कि हमारे जो वहां मौजूद नहीं थे, इस मामले में उन्हें भी जबरन फंसाया जा रहा है और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। इस पर डीजीपी ने पांडे को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया और अनुरोध किया कि प्रतिनिधिमंडल तीन दिन बाद संभल का दौरा करे।
सामान्य स्थिति बहाल करने के महत्व पर जोर
संभल जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू करने की बात दोहराई है, जिसमें शनिवार तक बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। मुरादाबाद के संभागीय आयुक्त अंजनेय कुमार सिंह ने यात्राओं की अनुमति देने से पहले सामान्य स्थिति बहाल करने के महत्व पर जोर दिया। सिंह ने कहा कि “कुछ समय दें, सब कुछ सामान्य हो जाए। अभी हम विश्वास बहाल करने के लिए कदम उठा रहे हैं। उसके बाद हम किसी को भी आने से नहीं रोकेंगे। मेरी सभी से अपील है कि कुछ समय दें,”उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। सिंह ने कहा कि हिंसा के संबंध में 300 से अधिक व्यक्तियों की पहचान की गई है और साक्ष्य एकत्र करना प्राथमिकता बनी हुई है।
संभल में अब हालात सामान्य होने लगे हैं। शाही जामा मस्जिद और अन्य मस्जिदों में शुक्रवार की नमाज कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। फिलहाल जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है, ऊपर ड्रोन तैनात किए गए हैं, जमीन पर अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है और निगरानी बढ़ाने के लिए विवादित मस्जिद के पास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, जिससे शनिवार तक बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित है।
कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी करेगा हिंसाग्रस्त इलाके का दौरा
इस बीच, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने घोषणा की कि कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल स्थिति का आकलन करने के लिए 2 दिसंबर को संभल का दौरा करेगा।




