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Wednesday, April 1, 2026
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मंदिर-मस्जिद के नए विवादों पर RSS चीफ मोहन भागवत सख्त, कहा- हर दिन नया मामला उठाना सही नहीं

RSS चीफ मोहन भागवत ने मंदिर-मस्जिद के नए विवादों पर सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि हर दिन नया मामला उठाना सही नहीं है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पुणे में हिंदू सेवा महोत्व कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) के मुखिया मोहन भागवत ने हाल के मंदिर मस्जिद विवादों का भी जिक्र किया। मोहन भागवत ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद कुछ लोगों को ऐसा लगने लगा है कि वे नई जगहों पर इसी तरह के मुद्दों को उठाकर हिंदुओं के बड़े नेता बन सकते हैं, लेकिन इसको किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

हम काफी लंबे समय से संद्भावना से रह रहे हैं: मोहन भागवत

मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत ने पुणे में हिंदू सेवा महोत्व कार्यक्रम के दौरान कहा कि दुनिया को दिखाने की आवश्यकता है कि देश सद्भावना के साथ रह सकता है। मोहन भागवत ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि रामकृष्ण मिशन में क्रिसमस को पूरे धूमधाम के साथ मनाया जाता है। ऐसा सिर्फ हम कर सकते हैं, क्योंकि हम हिंदू हैं। मोहन भागवत ने भारतीय समाज में विविधिता को लेकर कहा कि हम काफी लंबे समय से संद्भावना से रह रहे हैं। अगर हम दुनिया को यह सद्भावना प्रदान करना चाहते हैं, तो हमें इसके लिए एक मॉडल बनाने की बड़ी आवश्यकता है।

“राम मंदिर निर्माण का सबसे बड़ा हिंदुओं की आस्था थी”

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण करने के पीछे सबसे बड़ा कारण हिंदुओं की आस्था का इसके साथ जुड़े हुए होना था। मोहन भागवत ने किसी भी विशेष स्थल का उल्लेख किए बिना कहा कि हर दिन एक नया मामला उठाया जा रहा है। इस तरह की अनुमति कैसे दी जा सकती है। इस तरह का विवाद जारी नहीं रह सकता है। भारत को अब यह दिखाने की जरुरत है कि हम सब एक साथ रह सकते हैं।   

कुछ समूह अपने साथ कट्टरता को लेकर आए

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत ने आगे कहा कि देश में बाहर से आए कुछ समूह अपने साथ कट्टरता को लेकर आए और वे सब चाहते हैं कि उनके पुराना शासन वापस आ जाए। मोहन भागवत ने कहा कि अब देश संविधान के अनुसार चलता है। इस व्यवस्था में देश की जनता अपने प्रतिनिधि को चुनते हैं, जो सरकार को चलाते हैं।

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