नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से भी बयान जारी किया गया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि वह इस स्थिति में सरकार और सशस्त्र बलों के साथ खड़े रहेंगे। मोहन भागवत ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के लिए भारत सरकार और सशस्त्र बलों के नेतृत्व को हार्दिक बधाई।
“हिंदू यात्रियों के क्रूर नरसंहार के पीड़ित परिवारों और पूरे देश को न्याय दिलाने की इस कार्रवाई से पूरे देश का स्वाभिमान और साहस बढ़ा है।” उन्होंने आगे कहा, “हम भारतीय सीमा पर धार्मिक स्थलों और नागरिक बस्तियों पर पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए हमलों की निंदा करते हैं और इन हमलों के पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं।”
इसके साथ ही आरएसएस प्रमुख ने कहा, “इस चुनौतीपूर्ण अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सभी देशवासियों से सरकार और प्रशासन द्वारा दी गई सभी सूचनाओं का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील करता है। इसके साथ ही, इस अवसर पर हम सभी को अपने नागरिक कर्तव्य का पालन करते हुए सतर्क रहना है कि सामाजिक एकता और सद्भाव को बिगाड़ने की राष्ट्र विरोधी तत्वों की कोई साजिश सफल न होने पाए।”
मोहन भागवत ने कहा, “सभी देशवासियों से अनुरोध है कि वे अपनी देशभक्ति का प्रदर्शन करें तथा जहां भी आवश्यकता हो, सेना और नागरिक प्रशासन को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार रहें तथा राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा बनाए रखने के सभी प्रयासों को मजबूत करें।”
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बैसरन घाटी घूमने आए पर्यटकों पर क्रूर हमला किया था। जिसके बाद देश आक्रोश में आया। भारत ने दो सप्ताह बाद इस घटना का जोरदार जवाब दिया। पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभियान चलाकर आतंकवादियों को उनके किये की सजा दी गई। इस हमले में पाकिस्तान स्थित किसी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया, बल्कि केवल आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया गया।




