नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारत ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेते हुए बुधवार सुबह करीब 1:30 बजे पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक की। इस एयरस्ट्राइक के दौरान भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी कैंपों को निशाना बनाया। इन आतंकवादी शिविरों में कई आतंकवादियों को प्रशिक्षित किया गया है। भारतीय सेना ने आज उस अड्डे को भी ध्वस्त कर दिया जहां 2008 में मुंबई के ताज होटल पर हमला करने वाले अजमल कसाब और डेविड हेडली को प्रशिक्षण दिया गया था। भारतीय सेना ने आज एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हवाई हमले के संबंध में भारत की स्थिति स्पष्ट की। इस बार उन्होंने जहां भी हमला किया था, वहां के वीडियो और फुटेज भी जारी किए हैं। कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि सवाईंया से भागलपुर तक आतंकी शिविरों पर हमला किया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हमले में नागरिकों या आवासीय क्षेत्रों को कोई नुकसान नहीं हुआ। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि हमला स्थल सीमा से कितनी दूर है।
इसी तरह, मरकज़ तैयबा मुरीदके कैंप के बारे में जानकारी देते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय सीमा से 18 से 25 किलोमीटर दूर स्थित इस आतंकी कैंप पर हमला किया गया। 2008 के मुंबई आतंकी हमले के आतंकियों को यहीं ट्रेनिंग दी गई थी। अजमल कसाब और डेविड हेडली को भी यहीं ट्रेनिंग दी गई थी।”
और कहां हुआ हमला ?
– सवाई नाला कैंप, मुजफ्फराबाद, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सीमा से 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यहीं पर कुछ हमलों में शामिल आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिया गया था।
– सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद जैश-ए-मोहम्मद का बेस है।
आतंकवादी यहां हथियार और गोलाबारूद जमा कर रहे थे।
– गुलपुर कैंप, कोटली – यह एलओसी से 30 किलोमीटर दूर था। यह लश्कर-ए-तैयबा का शिविर था। इस शिविर से प्रशिक्षित आतंकवादियों ने राजौरी और पुंछ में अभियान चलाए।
– बरनाला कैंप, भीमबेर – यह नियंत्रण रेखा से 9 किमी दूर है। यहां आतंकवादियों को हथियारों और आईईडी का प्रशिक्षण दिया जा रहा था।
– अब्बास कैंप, कोटली – यह नियंत्रण रेखा से 13 किमी दूर है। यहां लश्कर-ए-तैयबा के फिदायीन तैयार किए जा रहे थे। इस शिविर में 15 आतंकवादियों को प्रशिक्षित करने की क्षमता थी।
पाकिस्तान के क्षेत्र में लक्ष्य
– सर्जिकल कैंप, सियालकोट – यह अंतर्राष्ट्रीय सीमा से 6 किमी दूर स्थित है।
– महमुला जया कैंप, सियालकोट – यह अंतर्राष्ट्रीय सीमा से 18 से 12 मील दूर था। यह हिज्बुल मुजाहिद्दीन का शिविर था। कठुआ जम्मू में आतंक फैलाने का केंद्र था। पठानकोट एयरबेस पर हमले की योजना इसी शिविर में बनाई गई थी।
– मरकज़ सुभानअल्लाह, भागलपुर – यह अड्डा अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किमी दूर है। यह जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां भर्ती और प्रशिक्षण का कार्य किया जा रहा था। बड़े आतंकवादी नेता यहां आ रहे थे।





