नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश में हिंदुओं सहित अन्य अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ हिंसा को लेकर पूरी दुनिया में इस्लामी कट्टरपंथियों के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है। अब लगता है कि वो आवाज बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख के कानों में पहुंच चुकी है। अदरअसल बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा के बीच अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने एक मंदिर का दौरा किया और वहां के हिंदू नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान यूनुस ने कहा कि हमने ये सुनिश्चित किया है कि सभी के लिए अधिकार समान होने चाहिये। चाहे वो किसी भी धर्म का हो।
मोहम्मद यूनुस ने ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर का किया दौरा
मंगलवार को ढाका में स्थित ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर का दौरा कर मोहम्मद यूनुस ने लोगों से धैर्य और शांति बनाये रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कृपया उनकी सरकार को काम के आधार पर आंका जाए। इस दौरान नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद और महानगर सर्बजनिन पूजा समिति के नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अधिकार सभी के लिए समान हैं। हम सभी एक अधिकार वाले लोग हैं। हमारे बीच भेदभाव ना करें। कृपया हमारी मदद करें और धैर्य रखें।
हमें लोगों को इंसान के रूप में देखना चाहिये- यूनुस
बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार ने अंतरिम सरकार के प्रमुख के हवाले से लिखा है कि हमारी लोकतांत्रित अकांक्षाओं में हमें मुस्लिम, हिंदू या बौध के रूप में नहीं बल्कि इंसान के रूप में देखना चाहिए। हमारे अधिकारों को सुनिश्चित किया जाना चाहिये। इसलिए हमें संस्थागत व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की जरूरत है।
अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले की निंदा की
ये पहली बार नहीं है जब मोहम्मद यूनुस ने अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले की निंदा की है और उसे जघन्य अपराध करार दिया है। उन्होंने आगे कहा कि क्या वो (अल्पसंख्यक) इस देश के लोग नहीं हैं? छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आप इस देश को बचाने में सक्षम हैं। क्या आप कुछ परिवारों को बचा नहीं सकते? वे मेरे भाई की तरह हैं। हम एक साथ लड़ेंगे और साथ रहेंगे।
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