नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। वहीं इस मामले में मृतका के परिवार ने शिकायत की है कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सहायक अधीक्षक ने पहले उन्हें फोन करके बताया था कि आपकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है। यही बात पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी 12 अगस्त 2024 को कही थी, जब वह उनसे मिलने के लिए आई थी। पश्चिम बंगाल कीमुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ित परिवार को इस मामले में न्याय दिलाने का वादा किया। सीएम ममता बनर्जी ने पीड़ित परिवार को विश्वास दिलाया था कि जिसने भी सबसे पहले इस मामले को आत्म हत्या का बताया था, उसकी पूरी जांच पुलिस से कराई जाएगी।
कोलकाता पुलिस ने अब इस मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है
वहीं कोलकाता पुलिस ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सहायक अधीक्षक को आज 13 अगस्त 2024 को इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है, इन्होने ही पीड़ित परिवार को फोन करके ट्रेनी डॉक्टर की आत्महत्या की बात कही थी। लेकिन जब पुलिस की जांच शुरू हुई तो इसमें रेप के बाद हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया। इसी को लेकर पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने अब इस मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है।
वहीं पुलिस ने आरोपी संजय रॉय को ट्रेनी डॉक्टर से रेप करने और उसके बाद हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि आरोपी संजय रॉय एक बाहरी व्यक्ति है जो अक्सर अस्पताल में एक नागरिक स्वयंसेवक के रूप में आता जाता रहता था। इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कही इस रेप और हत्या के मामले में आरोपी संजय रॉय के अलावा और कोई तो शामिल नहीं था। पुलिस इस मामले में आत्महत्या वाली झूठी जानकारी को लेकर भी अपनी जांच आगे बढ़ा रही है।
कोलकाता पुलिस ने किया पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा
वहीं पुलिस ने जानकारी दी है कि ट्रेनी डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके प्राइवेट पार्ट, आंखों और मुंह से खून निकल रहा था। पुलिस ने बताया कि ट्रेनी डॉक्टर के नाखून, बाएं पैर, पेट, दाहिने हाथ, गर्दन, और होठ पर भी चोट के निशान थे। ट्रेनी डॉक्टर की गर्दन की हड्डी टूटी हुई थी। पुलिस ने बताया है कि आरोपी संजय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के सेक्शन 103 (1) हत्या और सेक्शन 64 (बलात्कार) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। कोलकाता पुलिस ने जानकारी दी है कि इस मामले में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT)बनाई गई है। वहीं हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने भी 3 सदस्य वाली टीम को इस मामले की जांच सौपी है।
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