नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 9 अगस्त 2024 को कोलकाता समेत पूरे देश में उस समय रोष आ गया जब आरजी कर अस्पताल में 31 साल की ट्रेनी डॉक्टर से साथ रेप की वारदात को अंजाम देकर मौत के घाट उतार दिया गया। पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किए जाने लगे थे। प्रशासन ने केस में आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। लगभग 161 दिन चली कानूनी कार्यवाई के बाद शनिवार को सियालदह कोर्ट ने संजय रॉय को दोषी करार दिया था। और आज सोमवार को सजा का ऐलान भी कर दिया जाएगा। सजा से पहले संजय रॉय ने खुद को बेकसूर बताया। उसने कहा कि उसे फंसाया गया है। बता दें कि शनिवार को जब इसे दोषी पाया गया था तो दोषी ने इस घटना में एक IPS की संलिप्तता होने की बात कही थी।
161 दिन तक चली थी कानूनी कार्यवाई
रेप-मर्डर के आरोपी को कोलाकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था जिसे बाद उसे BNS की धारा 64,44 और 103/1 लगाई गई थी। ट्रेनी डॉक्टर से अस्पताल के सेमिनार हॉल में दुष्कर्म करने के बाद हत्या करने के आरोपी संजय रॉय पर कानूनी कार्यवाई 9 जनवरी को पूरी हो गई थी। इस दौरान तकरीबन 50 गवाहों से पूछताछ हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पीडिता की मौत गला घुटने के कारण हुई थी। कोर्ट ने इस रिपोर्ट को पुष्ट माना जिसके आधार पर सियालदह कोर्ट ने घटना के 161 दिन बाद आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दिया था।
फांसी की हो रही है मांग
इस जघन्य घटना के बाद पूरे देश ने एक सुर में आरोपी को फांसी दिए जाने की मांग की थी। अब जबकि आरोपी पर दोष सिद्ध हो गया है तो BNS की धारा 64 में आरोपी को कम से कम 10 साल की सजा दी जा सकती है जो बढ़कर उम्रकैद तक भी हो सकती है। इसके अलावा धारा 66 के तहत 20 साल कैद से उम्रकैद तक हो सकती है। हालांकि बीएनएस की धारा 103(1) जो हत्या के केस में लगाई जाती है, के तहत दोषी को फांसी या आजीवन कारावास को सकता है।





