नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कर्नाटक की राजनीति में इस वक्त आरएसएस और कांग्रेस आमने-सामने हैं। राज्य सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर गंभीर आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर एक धमाकेदार वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में उन्होंने उन लोगों की कॉल रिकॉर्डिंग दिखाई, जो उन्हें धमकियां और गालियां दे रहे हैं। उन्होंने इसे आरएसएस की “गंदी मानसिकता” का उदाहरण बताया और कहा कि, हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि उस सोच से है जो नफरत और हिंसा फैलाती है।
धमकियों और गालियों का वीडियो जारी
प्रियांक खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि पिछले दो दिनों से उन्हें लगातार धमकी भरे फोन कॉल आ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने एक वीडियो जारी किया, जिसमें कॉल करने वालों की अभद्र भाषा सुनी जा सकती है। उन्होंने लिखा, यह वीडियो केवल एक छोटा सा उदाहरण है उस गंदगी का, जो आरएसएस युवाओं और बच्चों के मन में भर रहा है। हमें इन बच्चों को नफरत के नहीं, बल्कि समानता और शांति के रास्ते पर लाना होगा। प्रियांक खरगे ने कहा, हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि उस गंदी मानसिकता से है जो समाज को तोड़ रही है।
क्या शाखाओं की यही संस्कृति है?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक ने संघ की शाखाओं पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा, क्या शाखाओं की संस्कृति यही है कि मां-बहनों को गालियां दी जाएं और उनका अपमान किया जाए? अगर यही संस्कार आरएसएस दे रहा है, तो यह समाज और देश दोनों के लिए खतरनाक है।उन्होंने बीजेपी नेताओं से पूछा कि क्या वे ऐसी भाषा और मानसिकता का समर्थन करते हैं? खरगे ने कहा कि भाजपा नेताओं के बच्चे तो अपने भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन आरएसएस गरीब परिवारों के बच्चों को नफरत और हिंसा के रास्ते पर धकेल रहा है।
मुझे और मेरे परिवार को धमकियां मिल रही हैं
कर्नाटक के आईटी एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रियांक खरगे ने खुलासा किया कि उन्हें और उनके परिवार को पिछले दो दिनों से लगातार धमकियां और अपशब्दों से भरे कॉल्स आ रहे हैं। उन्होंने कहा, मैंने सिर्फ इतना कहा था कि सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक संस्थानों में आरएसएस की गतिविधियां नहीं चलनी चाहिए। इसके बाद से मुझे डराने-धमकाने की कोशिशें शुरू हो गईं। लेकिन मैं न तो डरूंगा और न ही झुकूंगा।
हम RSS नहीं, उसकी नफरत भरी सोच से लड़ रहे हैं
प्रियांक खरगे ने साफ कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति या संगठन से नहीं, बल्कि उस विचारधारा से है, जो समाज में नफरत फैलाती है।
हमारा मकसद निर्दोष युवाओं को उस मानसिक गुलामी से आजाद करना है, जो उन्हें नफरत के दलदल में धकेल रही है। हमें उन्हें बुद्ध, बसव और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों से जोड़ना होगा।
उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति सत्ता के लिए नहीं, बल्कि विचारों और जनता के लिए है।मैं इन धमकियों से डरने वाला नहीं हूं। मेरा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक समाज में समानता और भाईचारे की सोच मजबूत नहीं होती।
बीजेपी और आरएसएस पर सीधा निशाना
प्रियांक खरगे ने बीजेपी नेताओं पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए कहा कि भाजपा और आरएसएस जानबूझकर युवाओं के बीच नफरत फैला रहे हैं।आरएसएस की विचारधारा भारत के संविधान और समरसता के खिलाफ है। ये लोग बच्चों और युवाओं को धर्म और जाति के नाम पर बांट रहे हैं। मैं इन्हें बेनकाब करता रहूंगा, चाहे कितनी भी धमकियां क्यों न मिलें।
‘विचारों की राजनीति करूंगा, डर की नहीं’
कांग्रेस मंत्री ने अपने संदेश का समापन इस दृढ़ बयान से किया, मैं डर की राजनीति नहीं करता, विचारों की राजनीति करता हूं। मेरी राजनीति सत्ता हासिल करने की नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने की है। जो भी इस सोच के खिलाफ आएगा, उसका जवाब मैं तर्क और सत्य से दूंगा, गालियों से नहीं।
कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने आरएसएस पर युवाओं के मन में नफरत भरने का आरोप लगाते हुए धमकियों और गालियों से भरा वीडियो जारी किया। कहा, हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि उस गंदी मानसिकता से है जो समाज को तोड़ रही है।




