नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर शुक्रवार को भारत मंडपम में आयोजित प्रदर्शनी को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खुशी जाहिर की और देशवासियों को पहले अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की शुभकामनाएं दी। साथ ही उन्होंने इसरो के प्रयास को भी सराहा।
क्या बोलीं राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा- “जब ISRO का चंद्रयान चांद की सतह पर सफलतापूर्वक उतरा तो वह हर एक भारतीय के लिए एक गौरवशाली पल था। मैने उस उपलब्धि का सीधा प्रसारण देखा था, जिसे देखकर अन्य भारतीयों की तरह मैं भी बहुत खुश हुई थी। आज के दिन को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के तौर पर मनाना एक शानदार फैसला है। मैं पहले राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर सभी को शुभकामनाएं देती हूं। इसरो ने अपनी स्थापना के बाद से कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।” उन्होंने वहां मौजूद प्रतिभागी छात्रों की संख्या को लेकर खुशी जाहिर की।
अंतरिक्ष में भारत के लिए अनेक मौके हैं
राष्ट्रपति मुर्मू ने अंतरिक्ष अन्वेषण का उल्लेख करते हुए कहा- अंतरिक्ष अन्वेषण ने मानवीय क्षमता में बढ़ोतरी करते हुए आम जनमानस की कल्पना को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने स्पेस सेक्टर में प्राइवेट हितधारकों को जगह देने के फैसले को सराहा है, उन्होंने कहा यह भारत की युवा पीढ़ी को अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक्सप्लोर करने के मौके देगा।
क्यों खास बना आज का दिन?
बता दें कि आज ही के दिन 23 अगस्त 2023 को इसरो के चंद्रयान 3 ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहला कदम रखा था। इसी के साथ चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला भारत पहला देश बन गया गया। इस सफलता का जश्न मनाने के लिए पीएम मोदी ने आज के दिन को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस घोषित किया था। इसी अवसर पर देश आज पहला अंतरिक्ष दिवस मना रहा है।





