नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज 23 अगस्त 2024 को भारत अपना पहला स्पेस डे मना रहा है। यह वहीं मौका है जब पिछले साल इसी दिन 140 करोड़ भारतीयों की तालियों की गूंज एक साथ गूंजी थी। 23 अगस्त 2023 को ISRO ने चंद्रमा पर विक्रम लैंडर की सफलतापूर्वक लैंडिंग करा कर अंतरिक्ष इतिहास में मील का पत्थर हासिल किया था। भारत एकलौता ऐसा देश है जिसने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहला कदम रखा है।
चंद्रयान 1 और 2 के बाद हाथ लगी थी निराशा
साल 2019 में, चंद्रयान 2 की क्रैश लैंडिंग ने भारतीयों के सपने चकनाचूर कर दिए थे। चंद्रयान 2 का विक्रम लैंडर आखिरी के 15 मिनट में लड़खड़ा गया था और अपने नियत स्थान से 7.42 किलोमीटर पहले क्रैश हो गया था। लैंडर को 55 डिग्री घूमना था, जबकि वह उससे कहीं ज्यादा डिग्री पर मूव कर गया। 2008 में भारत ने पहली बार अपने कदम चांद की ओर बढ़ाए थे जब चंद्रयान 1 को PSLV-C11 से लॉन्च किया गया। हालांकि चंद्रयान 1 का मून इंपैक्ट प्रोब 14 नवंबर 2008 को चांद की सतह पर क्रैश लैंड कर गया। इस प्वाइंट का नाम जवाहर प्वाइंट रखा गया था।
चंद्रयान 1 ने चांद पर कैल्शियम मिलने की जानकारी दी थी और एक गुफानुमा सुरंग के बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराई थी। न सिर्फ इतना बल्कि मैग्नीशियम, एल्यूमीनियम और लोहे की उपलब्ध मात्रा के बारे में बताया था।
इसरो के आगामी मिशन
इसरो 1969 में अपनी स्थापना के बाद से ही 124 स्पेसक्राफ्ट किए है। इसरो के आगामी मिशन की एक लंबी सूची है जो भारत की अन्वेषण में रुचि को दर्शाता है। निसार, गगनयान 2, शुक्र ऑर्बिट मिशन, मंगलयान 2, गगनयान 3, चंद्रयान 4 और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन जैसे कई अन्य मिशन हैं जिसके लिए इसरो प्रयासरत है।
पीएम मोदी ने घोषित किया राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस
21 अगस्त को डॉ. जितेन्द्र सिंह ने मीडिया से बात करते हुए इस बात की पुनरावृति की, कि भारत 23 अगस्त, 2023 को चंद्रमा पर उतरने वाले चौथा और दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश बना है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए पीएम मोदी ने 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में घोषित किया था।





