नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज 27 जून 2024 को अपने अभिभाषण में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की। उन्होंने दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए ये सब बाते कही। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी ओम बिरला की तरह विपक्ष को इमरजेंसी को लेकर घेरा। द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि कुछ ही महीनों में एक गणतंत्र के रूप में भारत 75 वर्ष पूरे कर लेगा। भारत का संविधान बीते हर दशकों में हर चुनौती और कसौटी पर खरा उतरा है।
संविधान लागू होने के बाद भी संविधान पर अनेक बार हमले किये गए
संविधान बनते वक्त दुनिया में ऐसी ताकतें थी जो हमारे देश भारत के असफल होने की कामना कर रही थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आगे कहा कि संविधान लागू होने के बाद भी संविधान पर अनेक बार हमले किये गए। आज 27 जून 2024 है। वहीं 25 जून 1975 को लागू हुआ आपातकाल संविधान पर सबसे बड़ा हमला था। जो कि संविधान पर हमले का बड़ा काला अध्याय था। उस समय पूरे देश में हड़कंप मच गया था। लेकिन देश ने ऐसी असंवैधानिक ताकतों पर विजय हासिल करके दिखाया। इसका कारण भारत के मूल में गणतंत्र की परंपराएं हैं।
भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप सिस्टम बन गया है
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि माननीय सदस्यगणों सरकार का यह लगातार प्रयास है कि देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का हर उचित मौका मिल सके। सरकार इसके लिए एक डिजिटल विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में कार्यरत है। सरकार के इन प्रयासों के कारण भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप सिस्टम बन गया है।
सरकारी भर्ती हो या परीक्षाएं इनमे किसी तरह की भी रुकावट नहीं आनी चाहिए
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पेपर लीक मामले में भी सरकार की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि देश में चाहे सरकारी भर्ती हो या परीक्षाएं इनमे किसी तरह की भी रुकावट नहीं आनी चाहिए। यह उचित नहीं है। इसमें शुचिता और पारदर्शिता का होना बहुत जरुरी है। हाल में ही कुछ परीक्षाओं के पेपर लीक हुए जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए मेरी सरकार प्रतिबद्ध है।
10 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आये हैं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में आगे कहा कि बीते 10 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आये हैं। इसमें एससी-एसटी हर क्षेत्र के लोग हैं, जिसको केंद्र सरकार की नीति का लाभ मिला है। इसमें विशेषकर आदिवासी समाज में बड़ा बदलाव सामने आ रहा है, जिसको आसानी से समझा जा सकता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि 20 हजार करोड़ रुपये की योजना अति पिछड़े जानजातीय समूह के विकास का माध्यम बन रही है।
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