नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मोदी सरकार की आतंकवाद के खिलाफ सख्ती के कारण, कश्मीर घाटी में आतंकियों की गतिविधियों पर काफी कंट्रोल कर लिया गया है। जिसके कारण आतंकी संगठनों ने जम्मू संभाग को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। जम्मू कश्मीर में रियासी, कठुआ और डोडा में कुछ दिनों पहले हुए आतंकी हमले इसका जीता जागता उदाहरण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा में जाने से ठीक पहले 13 जून 2024 को NSA अजित डोभाल और अन्य अधिकारियों के साथ जम्मू कश्मीर की मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति के बारे में चर्चा की।
आतंवादियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अधिकारियों ने जम्मू कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी जानकारी दी है। साथ ही प्रधानमंत्री को आतंवाद के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन के बारे में बताया गया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को आतंकवाद के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पीएम मोदी के सख्त निर्देश हैं कि आतंवादियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए।
जम्मू कश्मीर में प्रशासन द्वारा उठाये जा रहे कदमों के बारे में पूरी जानकारी ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विदेश दौरे से पहले गृह मंत्री अमित शाह से भी इस बारे में बात की है। पीएम ने अमित शाह से सुरक्षाबलों की तैनाती से लेकर आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन को लेकर चर्चा की। पीएम ने जम्मू कश्मीर में हुए आतंकी हमले को लेकर जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी खुलकर बात की। उन्होंने जम्मू कश्मीर में प्रशासन द्वारा उठाये जा रहे कदमों के बारे में पूरी जानकारी ली।
भारत सरकार इसको लेकर सख्त है
कुछ दिनों पहले आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर में रियासी, कठुआ और डोडा पर हमला किया था। एनडीए की सरकार बनने के बाद आतंकवादी बौखलाए हुए हैं। कश्मीर घाटी में सेना की कड़ी सुरक्षा के कारण, आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इसलिए आतंकी संगठनों ने जम्मू कश्मीर में अपने आतंवादी भेजने शुरू कर दिए हैं। भारत सरकार इसको लेकर सख्त है और आतंकी संगठनों की कमर तोड़ने के लिए सुरक्षाबलों को पूरे निर्देश दिए गए हैं।
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