नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आगामी चारधाम यात्रा के मद्देनजर बद्रीनाथ धाम में इस बार कुछ सख्त नियम लागू किए गए हैं। मंदिर की गरिमा बनाए रखने और श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब बद्रीनाथ मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। आदेश का उल्लंघन करने पर जुर्माने की कार्रवाई की जायेगी।
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अनुसार, मंदिर परिसर में फोटो खींचने और वीडियो बनाने की गतिविधियां न केवल धार्मिक माहौल को प्रभावित करती हैं, बल्कि इससे भीड़ बढ़ने के कारण सुरक्षा और दर्शन की व्यवस्था भी बाधित होती है। इन कारणों को ध्यान में रखते हुए समिति ने अब मंदिर क्षेत्र में वीडियो कॉल, फोटोग्राफी और किसी भी प्रकार की रिकॉर्डिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इस नियम का उल्लंघन करने वालों से सीधा जुर्माना वसूला जाएगा।
आदेश का उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना
जारी आदेश के अनुसार, यदि कोई श्रद्धालु इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उसको 5000 रुपये का जुर्माना देना होगा। मंदिर परिसर में वीडियो कॉल, फोटोग्राफी या रिकॉर्डिंग पर सख्ती से रोक रहेगी। यह निर्णय जिलाधिकारी संदीप तिवारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में यात्रा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न पहलुओं, जैसे- सुरक्षा, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं और भीड़ नियंत्रण पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
जूते-चप्पलों की व्यवस्था और प्रसाद की दुकानों को लेकर नया प्लान
बद्रीनाथ धाम में जूतों की अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने साकेत तिराहे पर एक समर्पित जूता स्टैंड स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही होटल संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश के लिए कपड़े के चप्पल-जूते या मोटी जुराबें उपलब्ध कराएं, ताकि परिसर की स्वच्छता प्रभावित न हो। वहीं, प्रसाद विक्रेताओं पर भी नई व्यवस्था लागू की गई है। अब केवल वे ही दुकानदार दुकान लगा सकेंगे जो पिछले 25–30 वर्षों से व्यवसाय में हैं। इसके अलावा, एक ही परिवार को एक दुकान की अनुमति दी जाएगी, जिससे अनावश्यक भीड़ और अस्थायी अतिक्रमण रोका जा सके।
यात्रियों के लिए नई व्यवस्थाएं और दिशानिर्देश
चारधाम यात्रा के तहत इस वर्ष बद्रीनाथ धाम में दर्शन व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कई नए दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। मंदिर दर्शन के लिए अब स्लॉट सिस्टम अपनाया गया है, जिसके बारे में श्रद्धालुओं को होटल संचालक जानकारी देंगे। साथ ही, सभी होटलों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर रखना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 13 भाषाओं में जारी की गई हेल्थ एडवाइजरी के QR कोड सभी प्रतिष्ठानों में लगाए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी आसानी से मिल सके। पंजीकरण की जांच गौचर, पांडुकेश्वर, बीआरओ चौक और माणा पास जैसे प्रमुख स्थानों पर की जाएगी। यात्रियों को दर्शन के लिए टोकन के साथ निर्धारित समय भी दिया जाएगा, ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे और सभी को सुचारू रूप से दर्शन का अवसर मिल सके।
इस वर्ष की यात्रा में भले ही नियम अधिक सख्त हों, लेकिन इसका उद्देश्य यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और मंदिर की गरिमा को बनाए रखना है। बद्रीनाथ धाम की यात्रा अब केवल भक्ति नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और अनुशासन का भी प्रतीक बन रही है। गौरतलब है कि 4 मई को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।




