नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें एक मामले में अग्रिम जमानत दे दी है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी से जुड़े कथित बयान और दस्तावेजों को लेकर दर्ज हुआ था, जिसमें फर्जीवाड़ा और मानहानि जैसे आरोप शामिल हैं।
इस फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, तब इस तरह की कार्रवाई बढ़ जाती है और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जाता है।
AAP नेता ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए। उनका कहना है कि लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से राजनीतिक माहौल प्रभावित होता है और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल खड़े होते हैं।
दरअसल, पवन खेड़ा के खिलाफ यह मामला उनके उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें उन्होंने असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर कई तरह के दावे किए थे। इन आरोपों के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और गिरफ्तारी की आशंका के चलते उन्होंने अग्रिम जमानत की मांग की थी।
इससे पहले उन्हें अलग-अलग अदालतों में राहत और झटका दोनों मिल चुके थे, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट से मिली इस राहत ने उन्हें फिलहाल कानूनी सुरक्षा दे दी है। हालांकि, कोर्ट की ओर से दी गई जमानत कुछ शर्तों के साथ है और मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
यह पूरा मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा में है। आने वाले समय में इस पर और भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं, जिससे सियासी माहौल और गर्माने के आसार हैं।





