नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र के परभणी में एक अज्ञात शख्स की ओर से डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर की एक प्रतिमा और उसके पास रखी संविधान की प्रति को नुकसान पहुंचाने के बाद से वहां तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों में डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर और संविधान के अपमान को लेकर काफी गुस्सा है। उनका यह गुस्सा हिंसा में बदल गया। आंदोलनकारियों ने कई जगहों पर आगजनी की और दुकानों में भी तोड़फोड़ की आंदोलनकारियों ने मांग की है कि संविधान का अपमान करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कारवाई की जाए और उन्हें फांसी की सजा दी जाए। महाराष्ट पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित में लाने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके साथ ही वहां इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई है। ्र
कानून-व्यवस्था को अपने हाथों मे न लें:परभणी पुलिस
महाराष्ट्र की परभणी पुलिस आंदोलनकारियों के लिए अनाउंसमेंट करके जानकारी दे रही है कि एक जगह पर पांच से ज्यादा लोग एकत्र नहीं होंगे, अगर ऐसा नही किया तो सख्त लार्वाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इंटरनेट बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के परभणी में आईजी रैंक के अधिकारी शाहजी उमाप को स्थिति को संभालने के लिए घटनास्थल पर भेज दिया है। परभणी पुलिस आंदोलनकारियों से अपील कर रही है कि कानून-व्यवस्था को अपने हाथों में न लें और शांति बनाए रखने में अपना योगदान दें।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, परभणी शहर में कलेक्टर कार्यालय के सामने डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर की एक प्रतिमा है। डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा के सामने एक संविधान की प्रति रखी हुई है। जानकारी के अनुसार, एक शख्स ने 10 दिसंबर 2024 की शाम को इस संविधान की प्रति को नुकसान पहुंचा दिया था। जैसे ही इस बात की जानकारी स्थानीय लोगों को हुई तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया था और आरोपी की पिटाई भी कर दी थी। हालांकि पुलिस ने शख्स को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन इस खबर की आग की तरह फैलने के बाद आज 11 दिसंबर 2024 को महाराष्ट्र के परभणी में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस स्थिति को संभालने के लिए पूरा प्रयास कर रही है।




