नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोलकाता के RG Kar अस्पताल रेप मर्डर मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मंगलवार को सैकड़ों छात्रों ने नबन्ना मार्च (Nabanna Abhijan) निकालकर सचिवालय का घेराव किया। इस दौरान पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए लाठी चार्ज, पानी की बौछार और आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान गेरुआ वस्त्र पहने और हाथ में तिरंगा लिए एक बुजुर्ग प्रदर्शन करते नजर आए। जब अकेले ये बुजुर्ग आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने उनपर पानी की बौछार कर दी। इस दौरान उन्होंने ऐसा कुछ किया जिसे देखने के बाद ममता सरकार का सिर शर्म से झुक जाएगा। बुजुर्ग का ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इशारों में बुजुर्ग ने पुलिस से क्या कहा ?
वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक बुजुर्ग विरोध प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ रहा है, लेकिन पुलिस किसी को भी आगे बढ़ने नहीं देना चाहती है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस वाटर कैनन का इस्तेमाल कर रही है। इस दौरान जब वाटर कैनन का इस्तेमाल बुजुर्ग पर किया गया तो उन्होंने इशारों में कहा कि और पानी डालो। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
कोलकाता के दो स्थानों से नबन्ना अभियान की हुई शुरुआत
बता दें कि, मंगलवार को सैकड़ों युवकों ने कोलकाता में दो स्थानों से नबन्ना अभियान (Nabanna Abhijan) की शुरुआत की। जिनको रोकने के लिए पुलिस ने ना उनपर लाठीचार्ज किया, बल्कि आंसू गैस के गोले भी दागे। प्रदर्शनकारी युवा आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल मामले में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, इसके अलावा इस मामले में जितने भी जिम्मेदार लोग हैं उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। पश्चिम बंगाल सरकार के सचिवालय का नाम नबन्ना है।
हावड़ा के संतरागाछी से शुरू हुआ था मार्च
कोलकाता के RG Kar अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ रेप व मर्डर के मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों का मार्च हावड़ा के संतरागाछी से शुरू हुआ। इस मार्च में शामिल एक व्यक्ति ने कहा कि हम नबन्ना तक जरूर पहुंचेंगे। हमें मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्य के सचिवालय पहुंचना है। जिसका प्रशासन इस अपराध के जिम्मेदार लोगों को बचाने और घटना को दबाने की कोशिश कर रहा है।
छात्र समाज के प्रवक्ता ने सीएम ममता बनर्जी को दी नसीहत
छात्र समाज के प्रवक्ता सयान लाहिड़ी ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि यह रैली अराजनीतिक है। हमें उकसाये जाने के बावजूद हम इस अभियान को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रखना चाहते हैं। हम पीड़िता के परिवार के लिए न्याय की मांग करते हैं। ममता बनर्जी को जनता की न्याय की मांग को सुनना चाहिये।




