भोपाल 18 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में तमाम संस्थानों में प्रवेश और भर्ती परीक्षा आयोजित करने वाले व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) का नाम राज्य सरकार ने बदलकर कर्मचारी बोर्ड करने का फैसला लिया है। सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस ने तंज कसा है। राज्य के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल का नाम बदलकर कर्मचारी चयन बोर्ड करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। कर्मचारी चयन बोर्ड अब सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत काम करेगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा है कि, व्यापम का नाम बदलने से भाजपा के पाप नहीं धुलेंगे एक पीढ़ी का भविष्य बर्बाद किया गया, आधा सैकड़ा लोगों की संदिग्ध मौत हुई। पहले से राज्य सेवा आयोग होते हुए चयन आयोग नियुक्तियों में भ्रष्टाचार करने के लिए आयोग माध्यम बनाया जा रहा है। ज्ञात हो कि व्यापम राज्य में विभिन्न शिक्षण संस्थानों में प्रवेश दिलाने के लिए परीक्षाएं आयोजित करने की जिम्मेदारी निभाता है, साथ ही वर्ग तीन और चार की भर्ती भी इसी के जरिए होती रही है। बीते कुछ सालों में व्यापम चर्चाओं में रहा है, क्योंकि प्रवेश और भर्तियों में हुई गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद कई बड़े राजनेताओं और अफसरों को जेल तक जाना पड़ा। इतना ही नहीं इस मामले से जुड़े आधा सैकड़ा से ज्यादा लोगों की मौत भी हुई है। –आईएएनएस एसएनपी/एएनएम




