नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हाथरस में मची भगदड़ के कारण 121 लोगों की मौत हो गई। सूरज पाल उर्फ भोले बाबा अपने आपको चमत्कारी बताया करता था। हाथरस में उसके प्रवचन के कार्यक्रम में मची भगदड़ के कारण लोगों की जान चली गयी। लेकिन ऐसे समय में लोगों का साथ देने की जगह वह वहां से अपने काफिले के साथ निकल भागता है। इस तरह से उसके झूठे चमत्कार की पोल भी खुल जाती है।
एफआईआर में सूरज पाल उर्फ भोले बाबा का नाम तक नहीं
वहीं इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सूरज पाल उर्फ भोले बाबा के सेवादारों पर तो उत्तर प्रदेश पुलिस कार्रवाई कर रही है। यहां तक कि मुख्य सेवादार प्रकाश मधुकर की सूचना बताने वाले को उत्तर प्रदेश पुलिस ने 1 लाख रूपये का इनाम देने की घोषणा की है। लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस की एफआईआर में सूरज पाल उर्फ भोले बाबा का नाम तक नहीं है। वहीं सूरज पाल उर्फ भोले बाबा की कॉल रिकॉर्ड के अनुसार वह अपने मुख्य सेवादार प्रकाश मधुकर से फोन कॉल के माध्यम से जुड़ा हुआ था। भोले बाबा अपने मुख्य सेवादार से हाथरस में हो रही मौत का सारा अपडेट ले रहा था। भोले बाबा की कॉल रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य सेवादार ने उसको दिन में 2 बजकर 48 मिनट पर पहला कॉल किया था। उनकी इस कॉल के जरिये 2 मिनट 17 सेकंड बात हुई थी।
यह मामला साफ और साफ अंधविश्वास और लापरवाही का है
उस वक़्त बाबा का काफिला मैनपुरी की तरफ जा रहा था। कॉल रिकॉर्ड के अनुसार सूरज पाल उर्फ भोले बाबा दोपहर 3 बजे से 4 बजकर 35 मिनट तक मैनपुरी आश्रम में थे। भोले बाबा की अपने मुख्य सेवादार के अलावा अपनी पत्नी से भी फोन कॉल में बात हुई थी। बाबा की आखिरी बात फोन में 4 बजकर 35 मिनट में खत्म हुई थी। इसके बाद भोले बाबा ने अपना फोन स्विच्ड ऑफ कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार भोले बाबा 2 जुलाई 2024 की शाम 7 बजे तक मैनपुरी में थे। उसके बाद मीडिया में हाथरस की ब्रेकिंग खबर सामने आने के बाद वह कहां हैं। इसकी जानकारी किसी को नहीं है। अब सवाल उठता है उत्तर प्रदेश पुलिस पर कि वे भोले बाबा पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। हवलदार से बाबा बने सूरज पाल के चमत्कारों की पोल तो सबके सामने खुल गयी है। यह मामला साफ और साफ अंधविश्वास और लापरवाही का है। इसको इस तरह से पनपने देना ठीक नहीं है। अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in





