नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली के लुटियंस जोन में बने सरकारी बंगले सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि सत्ता, जिम्मेदारी और व्यवस्था का प्रतीक माने जाते हैं। इन बंगलों में से टाइप-8 श्रेणी के बंगले बेहद प्रतिष्ठित होते हैं, जो आम नागरिकों को नहीं बल्कि चुनिंदा संवैधानिक और राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों को ही आवंटित किए जाते हैं।
नितिन नवीन को मिला नया सरकारी आवास
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन नए साल में दिल्ली शिफ्ट होने वाले हैं। उन्हें सुनेहरी बाग रोड स्थित बंगला नंबर 9 आवंटित किया गया है। यह बंगला टाइप-8 श्रेणी में आता है और केंद्र सरकार के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित सरकारी आवासों में गिना जाता है।
टाइप-8 बंगले की खासियत
टाइप-8 बंगला सरकार की सबसे ऊंची आवासीय श्रेणी में आता है। इसे आम तौर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, पूर्व राष्ट्रपति, राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के अध्यक्ष और वरिष्ठ संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को ही दिया जाता है। बंगले का कुल क्षेत्रफल 8000–8500 वर्ग फुट तक होता है, जो इसे बेहद विशाल बनाता है।
अंदर से बंगले का स्वरूप
अंदर सामान्यतः 8 बड़े कमरे होते हैं, जिनमें 5–6 बेडरूम, विशाल ड्राइंग रूम, डाइनिंग एरिया, स्टडी रूम, आधुनिक किचन शामिल हैं। इसके अलावा बंगले में निजी गैराज, स्टोर रूम और स्टाफ क्वार्टर की अलग व्यवस्था रहती है। चारों ओर फैला हरा-भरा लॉन बंगले की खासियत को और बढ़ाता है।
सुरक्षा व्यवस्था
टाइप-8 बंगलों की सुरक्षा बेहद कड़ी होती है। यहाँ 24 घंटे सुरक्षाकर्मी, आधुनिक CCTV कैमरे, और कंट्रोल रूम की व्यवस्था रहती है। मेहमानों और कर्मचारियों के लिए अलग प्रवेश और ठहरने की जगह बनाई जाती है, ताकि सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित रहे।
ब्रिटिश वास्तुकला की पहचान
लुटियंस दिल्ली के टाइप-8 बंगले ब्रिटिश काल की स्थापत्य शैली की झलक दिखाते हैं। ऊंची छतें, चौड़े बरामदे, मजबूत दीवारें और बड़े दरवाजे इनकी पहचान हैं। इसके आसपास पुराने पेड़, खुली जगह और शांत वातावरण होता है, जो इन्हें दिल्ली के अन्य हिस्सों से अलग बनाता है।
कहां स्थित हैं ये बंगले?
लुटियंस जोन के प्रमुख इलाकों में जनपथ, अकबर रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, सुनेहरी बाग रोड, सफदरजंग रोड, कृष्ण मेनन मार्ग, त्यागराज मार्ग और तुगलक रोड शामिल हैं। ये इलाके संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और प्रमुख मंत्रालयों के बेहद पास हैं।
संख्या और महत्व
दिल्ली में कुल 3,000 से ज्यादा सरकारी आवास हैं, जिनमें अलग-अलग श्रेणियों के फ्लैट और बंगले शामिल हैं। इनमें टाइप-8 बंगले सबसे कम संख्या में, लगभग 100 के आसपास हैं, जो इन्हें पाने वालों के लिए बेहद खास और प्रतिष्ठित बनाते हैं।




