नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक रूह कंपाने वाली खबर सामने आ रही है जिसे पढ़कर शर्मसार हो जाएंगे। 23 मार्च को एक महिला को गर्भधारण की स्थिति में डिलीवरी के लिए अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे दो बार वापस लौटा दिया। उन्होंने कहा कि अभी डिलीवर में समय है। लेकिन तीसरी बार में रास्ते में महिला को प्रसव पीड़ा हुई जिसमें उसने बच्चो को जन्म दे दिया। इलाज के अभाव में उस बच्चे की मौत हो गई। 23 मार्च का यह मामला वीडियो वायरल होने के बाद आज प्रकाश में आया है।
अस्पताल की लापरवाही से गई नवजात शिशु की जान
डॉक्टर्स की लापरवाही का यह मामला 23-24 मार्च की दरम्यानी रात को सामने आया। नवजात के पिता कृष्णा ग्वाला ने बताया कि वह दो बार सैलाना के अस्पताल में पत्नी को लेकर गए थे। उनकी डिलीवर होनी थी। लेकिन वहां मौजूद स्टाफ ने डिलीवरी में अभी समय बाकी होने का हवाला देते हुए दोनो बार लौटा दिया। देर रात 3 बजे नीतू को प्रसव पीड़ा हुई। कृष्णा ग्वाला ने अपनी पत्नी को ठेले पर लादा और अस्पताल की ओर चल दिए। इस दौरान रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई। इलाज के अभाव में नवजात शिशु ने दम तोड़ दिया। परिवार ने डॉक्टर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
जांच के दायरे में अस्पताल प्रशासन
सैलाना SDM मनीष जैन ने पुष्टि की कि जांच चल रही है। उन्होंने कहा, “हम पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए हैं, और गहन जांच की जाएगी।” उन्होंने कहा कि प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि परिवार ने एम्बुलेंस का अनुरोध नहीं किया था या अस्पताल को इसकी आवश्यकता के बारे में सूचित नहीं किया था चूंकि उनका घर अस्पताल के पास ही था। हालांकि नर्सिंग अधिकारी चेतान चारेल को निलंबित कर दिया गया है और संविदा नर्सिंग कर्मचारी गायत्री पाटीदार की सेवाएं भी खत्म कर दी गई हैं।




