नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। NEET-UG के परीक्षा परिणाम में कथित धांधली को लेकर आज कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीट की परीक्षा में 67 बच्चों ने टॉप किया है। जो ये बताने के लिए काफी है कि कितने पारदर्शी तरीके से इस परीक्षा को आयोजित किया गया है।
PM ने कोई परीक्षा नहीं दी तो वो क्या जाने छात्रों का दर्द- कन्हैया
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि जाके पैर ना फटे बेवाई वो क्या जाने पीर पराई। प्रधानमंत्री जी खुद परीक्षा हॉल में बैठे होते और खुद परीक्षा दिए होते तो उन्हें पता चलता कि परीक्षा में धांधली होने पर बच्चों को कितनी पीड़ा होती है। कन्हैया कुमार ने कहा कि आज देश में लगभग ऐसी कोई परीक्षा नहीं है जिसमें धांधली नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि देश के छात्र अब बीजेपी को लीकेज की सरकार कह रहे हैं।
परीक्षा पर चर्चा करने का ढोंग करते हैं प्रधानमंत्री- कन्हैया
कन्हैया कुमार ने प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी चुनाव से पहले परीक्षा पर चर्चा करते हैं लेकिन चुनाव के बाद वो 5 साल तक जो परीक्षा में धांधली और वैकेंसी को लेकर कोई चर्चा नहीं करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी के शासनकाल में UPSC को छोड़कर ऐसी कोई परीक्षा आयोजित नहीं हुई, जिसका पेपर लीक ना हुआ हो। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी ही स्थिति रही तो वो दिन दूर नहीं जब यूपीएससी की परीक्षा का पेपर भी लीक हो जाएगा।
देश में हर घंटे 2 छात्र कर रहे आत्महत्या
कन्हैया कुमार ने कहा कि आज देश में हर घंटे 2 छात्र आत्महत्या कर रहे हैं। प्रश्नपत्र का लीक होना, परीक्षा में धांधली होना और परीक्षा का कैंसिल होना इसका सबसे बड़ा कारण है। इसपर प्रधानमंत्री जी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बस परीक्षा पर चर्चा नाम का इवेंट आयोजित करके ढोंग करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो NEET-UG परीक्षा की जांच
कन्हैया कुमार ने कहा कि पेपर लीक को रोकने के लिए सरकार को चाहिये कि वो इस संबंध में कड़े कानून बनाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा माफिया और नेताओं के गठजोड़ ने देश का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। ये पेपर माफिया नेताओं से मिले होते हैं और पेपर लीक कराकर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो और गड़बड़ी मिलने पर दोबारा परीक्षा कराई जाए। साथ ही इसमें मिलने वाले दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
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