नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) ने आज एक ऐसा बयान दे दिया। जिसकी चर्चा से सोशल मीडिया पटा हुआ है। दरअसल आज जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित एक सभा में मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) ने कहा कि “रहीम और रसखान यहां की मिट्टी में अपने आपको जोड़कर चले तो सदियों तक हम उनको याद करते हैं। लेकिन यहां का खाने और कहीं और की बजाने वाले सावधान हो जाएं। यहां यह नहीं चलेगा। अगर भारत में रहना है तो राम-कृष्ण की जय कहना होगा। हम देश के अंदर सबका सम्मान करना चाहते हैं।”
कानून तोड़ोगे तो सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी- मोहन यादव
मोहन यादव (Mohan Yadav) आगे कहते हैं कि “आप अवैध काम करोगे और कानून तोड़ोगे तो एमपी सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। हम जिस दिन शपथ लेते हैं उसी दिन ईश्वर को साक्षी मानकर शपथ लेते हैं कि जब भी हम आगे बढ़ेंगे भगवान राम और कृष्ण की जयकार करते हुए बढ़ेंगे। भगवान राम और कृष्ण ने हमेशा लड़ने की प्रेरणा दी है। हमें बस असुरी भावना को पहचानने की जरूरत है। मैं किसी भी धर्म या समुदाय का विरोध नहीं करता हूं। कानून सबके लिए बराबर है। अगर कोई कानून तोड़ेगा तो सरकार बर्दाश्त करने वाली नहीं है।”
छतरपुर मामले पर पलटवार के तौर पर देख रहे हैं लोग
मोहन यादव (Mohan Yadav) के इस बयान को लोग छतरपुर (Chhatarpur) मामले से जोड़कर देख रहे हैं। छतरपुर (Chhatarpur) कोतवाली में पथराव कर कई पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया। जिस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी हाजी शहजाद अली की हवेली को जमींदोज कर दिया। जिसके बाद से ही विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमला कर रहे हैं। अब मोहन यादव के इस बयान को लोग राजनीतिक पलटवार के तौर पर देख रहे हैं।
क्या हुआ था छतरपुर में ?
महाराष्ट्र के हिंदू संत रामगिरी महाराज ने कुछ दिन पहले नासिक जिले में एक धार्मिक आयोजन में कथित तौर पर इस्लाम के खिलाफ टिप्पणी की थी। जिसको लेकर छतरपुर (Chhatarpur) में मुस्लिम समुदाय ने 21 अगस्त को हिंसक विरोध प्रदर्शन किया। कुछ धर्म गुरुओं के नेतृत्व में सैकड़ों लोग थाने में ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। जिसमें उन्होंने रामगिरी महाराज के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों में किसी बात को लेकर बहस हो गई। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने थाने पर पथराव कर दिया।





