नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। अब तक 194 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 301 लोग घायल हुए हैं और 36 लोग लापता हैं। राज्य को अब तक 1852 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।
613 सड़कें बंद, बिजली-पानी व्यवस्था चरमराई
बारिश की वजह से 4 नेशनल हाईवे सहित 613 सड़कें बंद हो गई हैं। इससे लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। 1491 ट्रांसफार्मर खराब हो चुके हैं जिससे कई क्षेत्रों में बिजली बाधित है। 265 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। अब तक 27306 पशु-पक्षियों की मौत भी हो चुकी है।
भूस्खलन से सड़कों पर मलबा, पेड़ गिरे
शिमला में भराड़ी-दुधली के पास भूस्खलन से सड़क पर पेड़ गिर गए और ऑकलैंड-लक्कड़ बाजार मार्ग बंद हो गया। संजौली-शिमला रोड पर जा रही एक HRTC बस पर पेड़ गिरा, लेकिन कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। कुल्लू के बागीपुल में मलबा घरों में घुस गया। एक गौशाला बह गई, लेकिन ग्रामीणों ने गाय को समय रहते बचा लिया।
स्कूलों में छुट्टियां, प्रशासन अलर्ट
लगातार बारिश को देखते हुए शिमला जिले के कई हिस्सो ठियोग, कुमारसैन, डोडरा क्वार और चौपाल में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सोलन और चंबा में भी हालात गंभीर
सोलन के बद्दी में मानपुरा से धर्मपुर को जोड़ने वाला पुल टूट गया, जिससे मुख्य सड़क बंद हो गई। पुल टूटने की वजह अवैध खनन बताई जा रही है। चंबा के कंगेला गांव में भूस्खलन से चट्टानें गांव की तरफ लुढ़की, लेकिन किस्मत से गांव बच गया। शिमला के चिड़गांव में एक कार पब्बर नदी में गिर गई। चार लोग सवार थे, जिनमें से तीन की मौत हो गई और एक घायल हुआ है।
कई जिलों में 12 अगस्त तक येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, कुल्लू, ऊना और मंडी जिलों में 12 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी किया है। बीते 24 घंटे में कसौली में 145 मिमी, धर्मपुर में 122.8 मिमी, और गौहर में 120 मिमी बारिश दर्ज की गई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में लगातार जुटा है, लेकिन लगातार बारिश से हालात काबू में नहीं आ रहे। लोगों से अपील की गई है कि सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन की हिदायतों का पालन करें।




