नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह से राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने आ गई हैं।
MNS नेता संदीप देशपांडे का तीखा पलटवार
BJP नेता नितेश राणे के बयान पर पलटवार करते हुए MNS नेता संदीप देशपांडे ने कहा, “नितेश राणे को समझना चाहिए कि हम हिंदू हैं, हिंदी नहीं। मराठी के खिलाफ गया तो कान के नीचे पड़ेगी।” उन्होंने BJP पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि जब मराठी लोगों पर हमला होता है, तब BJP के नेता चुप रहते हैं।
भारत-पाकिस्तान मैच और कलाकारों पर भी उठाए सवाल
संदीप देशपांडे ने सवाल उठाया कि, “भारत-पाकिस्तान का मैच अहमदाबाद में किसने करवाया? जब हमने पाकिस्तानी कलाकारों का विरोध किया, तब कौन उनके समर्थन में खड़ा था? उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का मुद्दा केवल ‘मराठी माणुस’ (मराठी व्यक्ति) है, चाहे वह गरीब हो या अमीर।
बैनर विवाद से किया किनारा, बताया पार्टी लाइन से अलग
संदीप देशपांडे ने यह भी स्पष्ट किया कि MNS को विवादित बैनर और पोस्टर की जानकारी नहीं है और ये उनकी पार्टी की लाइन नहीं है। उनका मकसद सिर्फ मराठी संस्कृति और पहचान का सम्मान करना है। MNS नेता ने जानकारी दी कि पार्टी की अगली रैली की तैयारी चल रही है और उद्धव ठाकरे गुट के साथ एक बैठक भी तय की गई है। पहले यह रैली शिवाजी पार्क में होने वाली थी, लेकिन बारिश के कारण इसे इनडोर डोम में किया जा रहा है।
क्या था नितेश राणे का बयान?
इस विवाद की शुरुआत BJP नेता नितेश राणे के बयान से हुई थी। उन्होंने कहा था: “गरीब हिंदुओं पर हाथ उठाने वालों को जिहादियों से भी भिड़ने की हिम्मत दिखानी चाहिए। जावेद अख्तर, आमिर खान जैसे लोग क्या मराठी बोलते हैं? इन लोगों का मराठी संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं।” इस बयान ने भाषा विवाद को और भड़का दिया है। भाषा को लेकर शुरू हुआ ये मुद्दा अब मराठी अस्मिता बनाम हिंदू एकता की लड़ाई में तब्दील होता दिख रहा है।





