नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। खाड़ी देशों में जारी संघर्ष का असर अब भारत की LPG सप्लाई पर भी दिखने लगा है। कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से देश में गैस आयात पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के पास उपलब्ध स्टॉक तेजी से घट रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार घरेलू LPG सिलेंडर में गैस की मात्रा घटाने पर विचार कर रही है। अभी सिलेंडर में 14.2 किलो LPG दी जाती है प्रस्ताव के तहत इसे घटाकर करीब 10 किलो किया जा सकता है इस कदम का मकसद कम सप्लाई के बावजूद ज्यादा से ज्यादा घरों तक गैस पहुंचाना है।
गैस आयात पर बढ़ा दबाव
देश में LPG आयात की स्थिति फिलहाल तनाव में है। खाड़ी देशों से नए शिपमेंट नहीं पहुंच पा रहे हाल ही में दो जहाजों से 92,700 टन LPG आई यह मात्रा देश की सिर्फ एक दिन की जरूरत के बराबर है कमर्शियल यूजर्स को सप्लाई शुरू होने से स्टॉक पर और दबाव बढ़ गया है।
कम गैस वाले सिलेंडर की कीमत कैसे होगी तय?
अगर यह योजना लागू होती है, तो सिलेंडर की कीमत भी उसी हिसाब से तय की जाएगी। कम गैस वाले सिलेंडर पर अलग स्टिकर लगाया जाएगा ताकि ग्राहक आसानी से पहचान सकें बॉटलिंग प्लांट्स में तकनीकी बदलाव करने होंगे इसके लिए कंपनियों को पहले जरूरी मंजूरी भी लेनी होगी। इस योजना को लेकर ऑयल कंपनियों ने कुछ चिंताएं भी जताई हैं सिलेंडर का वजन कम होने से लोगों में भ्रम हो सकता ह ग्राहकों के बीच असंतोष बढ़ने की आशंका चुनावी राज्यों में यह मुद्दा बन सकता है कंपनियों का कहना है कि अगर आने वाले समय में स्थिति और खराब होती है, तो यह बड़ा संकट बन सकता है। LPG सप्लाई पर बढ़ते दबाव के बीच सरकार हर विकल्प पर विचार कर रही है। सिलेंडर का वजन घटाने का फैसला अभी प्रस्ताव स्तर पर है, लेकिन अगर लागू हुआ तो इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। सरकार का फोकस फिलहाल यही है कि किसी भी हाल में देश में गैस की सप्लाई बनी रहे और ज्यादा से ज्यादा घरों तक LPG पहुंच सके।




