नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कांग्रेस सांसद और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का एक अखबार में छपा आर्टिकल विवादों का कारण बन गया है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के राजपरिवारों ने राहुल गांधी के इस आर्टिकल पर अपना बड़ा विरोध जताया है और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला है। BJP ने भी इसको लेकर राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने अपने आर्टिकल में लिखा था कि ईस्ट इंडिया कंपनी तो खत्म हो गई लेकिन उसने जो भय पैदा किया था, वो आज भी पूरी तरह कायम है। राहुल गांधी के इस आर्टिकल के बाद भारत के राजपरिवारों के नेताओं ने उनपर जमकर हमला बोला है। केंद्रीय ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस लेख को राहुल गांधी की अज्ञानता की पहचान बताई है। वहीं राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने भी राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है।
“राजा महाराजाओं के दब्बूपने के कारण ऐसा हुआ”: राहुल गांधी
एक अखबार में छपे अपने आर्टिकल में राहुल गांधी ने लिखा है कि भारत ईस्ट इंडिया कंपनी के सामने झुक गया था, उसने भारत को चुप करा दिया था। यह ईस्ट इंडिया कंपनी की व्यापारिक ताकत नहीं थी बल्कि हमारे राजा महाराजाओं के दब्बूपने के कारण ऐसा हुआ। ईस्ट इंडिया कंपनी ने हमारे दब्बू राजा महाराजाओं और नवाबों के साथ समझौता करके, उन्हें रिश्वत देकर और धमकाकर हम लोगों का गला घोट दिया। इसी कारण से हमारे बैंकिंग, सूचना नेटवर्क और नौकरशाही का नियंत्रण ईस्ट इंडिया कंपनी के हाथों चला गया। हमने अपनी आजादी किसी बाहरी के हाथों नहीं खोई बल्कि एक एकाधिकारवादी तंत्र के हाथों गंवाई थी, जो कि एक दमनकारी तंत्र चलाया करती थी।
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने एक्स पर लिखा
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा “मैं आज एक संपादकीय में भारत के पूर्व शाही परिवारों को बदनाम करने के श्री राहुल गांधी के प्रयास की कड़ी निंदा करती हूं। एकीकृत भारत का सपना भारत के पूर्व राजपरिवारों के सर्वोच्च बलिदान के कारण ही संभव हो सका। ऐतिहासिक तथ्यों की आधी-अधूरी व्याख्या के आधार पर लगाए गए निराधार आरोप पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।”
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक्स पर लिखा
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राहुल गांधी के इस लेख को लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा “नफरत बेचने वालों को भारतीय गौरव और इतिहास पर व्याख्यान देने का कोई अधिकार नहीं है।’ @RahulGandhi भारत की समृद्ध विरासत के बारे में उनकी अज्ञानता और उनकी औपनिवेशिक मानसिकता ने सभी सीमाएं पार कर ली हैं। यदि आप राष्ट्र के ‘उत्थान’ का दावा करते हैं, तो भारत माता का अपमान करना बंद करें और महादजी सिंधिया, युवराज बीर टिकेंद्रजीत, कित्तूर चेनम्मा और रानी वेलु नचियार जैसे सच्चे भारतीय नायकों के बारे में जानें, जिन्होंने हमारी आजादी के लिए जमकर लड़ाई लड़ी।
अपने स्वयं के विशेषाधिकार के बारे में आपकी चयनात्मक भूलने की बीमारी उन लोगों के लिए एक अपकार है जो वास्तव में विपरीत परिस्थितियों के खिलाफ प्रयास कर रहे हैं। आपकी असंगति कांग्रेस के एजेंडे को और उजागर करती है—राहुल गांधी आत्मनिर्भर भारत के समर्थक नहीं हैं; वह महज़ एक पुरानी पात्रता का उत्पाद है। भारत की विरासत ‘गांधी’ शीर्षक से शुरू या समाप्त नहीं होती है। केवल प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में हमारे वास्तविक योद्धाओं की गाथाओं को मनाया गया। भारत के इतिहास का सम्मान करें, अन्यथा उसके पक्ष में बोलने का दिखावा न करें!”




