नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। लोकसभा चुनाव के बाद नई सरकार का गठन भी हो चुका है। अब सत्ता पक्ष और विपक्ष लोकसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पद को लेकर बैठकें कर रही है। सूत्रों के अनुसार बीजेपी लोकसभा स्पीकर का पद अपने पास रख सकती है, लेकिन डिप्टी स्पीकर पद जेडीयू या टीडीपी को दे सकती है। इसके अलावा विपक्ष की नजरें भी डिप्टी स्पीकर पद पर गड़ी हुई हैं।
डिप्टी स्पीकर पद पर है कांग्रेस की नजर
कांग्रेस चाहती है कि डिप्टी स्पीकर का पद उसे मिलना चाहिये। इसको लेकर राहुल गांधी ने अपना उम्मीदवार उतारने की बात भी कह दी है। वहीं कांग्रेस के इस बयान पर दलीलें दी जा रही है कि बीजेपी के कड़िया मुंडा को यूपीए ने डिप्टी स्पीकर बनाया था। इसलिए डिप्टी स्पीकर का पद कांग्रेस को दे देना चाहिये।
राजनाथ सिंह को दिया गया है कमान
वहीं एनडीए गठबंधन ये चाहता है कि लोकसभा स्पीकर या डिप्टी स्पीकर का चुनाव बिना किसी हंगामें के हो जाए। इसके लिए एनडीए ने राजनात सिंह को जिम्मेदारी दी है। गौरतलब है कि राजनाथ सिंह का सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों में बराबर स्वीकार्यता है। इसलिए बीजेपी ने इसकी जिम्मेदारी राजनथा सिंह को दे दी है। राजनाथ सिंह विपक्ष और भाजपा के सहयोगी दलों से बातचीत कर एक आम राय बनाने की कोशिश करेंगे।
24 जून से नई लोकसभा का पहला सत्र शुरू होगा
24 जून से नई लोकसभा का पहला सत्र शुरू होगा। इस दौरान नए सांसदों का शपथ ग्रहण, राष्ट्रपति का अभिभाषण इत्यादी कार्य होंगे। बता दें कि 2014 और 2019 में बीजेपी ने अपने दम पर बहुमत हासिल किया था। इसलिए बीजेपी ने लोकसभा स्पीकर का पद अपने पास रखी थी। हालांकि इस बार परिस्थितियां अलग हैं।
भारतीय जनता पार्टी इस बार के लोकसभा चुनाव में अपने दम पर बहुमत लाने में नाकाम जरूर रही, लेकिन इस बार भी सभी अहम मंत्रालय अपने पास ही रखी है।
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