नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने चिक्कमगलुरु जिले के मुदिगेरे में आंगनवाड़ी शिक्षक के उम्मीदवारों के लिए उर्दू भाषा के ज्ञान को अनिवार्य कर दिया है। सिद्धारमैया सरकार के इस फैसले को लेकर भाजपा हमलावर है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद नलिनकुमार कटील ने सिद्धारमैया सरकार की इसको लेकर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार एक विशेष समुदाय को खुश करने के लिए ही ऐसा कर रही है।
इस फैसले से कांग्रेस की कपटी नीति सबके सामने आ रही है
कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद नलिनकुमार कटील ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा, “कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने आंगनवाड़ी शिक्षक की नौकरी के लिए जो उर्दू भाषा के ज्ञान को अनिवार्य किया है, वो काफी निंदनीय है। कर्नाटक सरकार ने यह फैसला सिर्फ मुस्लिम समुदाय को खुश करने के लिए लिया है। कर्नाटक सरकार आंगनवाड़ी शिक्षक की नौकरी में सिर्फ मुस्लिम समुदाय को लाना चाहती है। कर्नाटक सरकार के इस फैसले से कांग्रेस की कपटी नीति सबके सामने आ रही है।
कर्नाटक सरकार इसका जवाब दें
कर्नाटक बीजेपी ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स के पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर पर निशाना साधा है। कर्नाटक बीजेपी की सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है कि राज्य के चिक्कमगलुरु जिले के मुदिगेरे में आंगनवाड़ी शिक्षकों की नौकरी के लिए उर्दू भाषा का ज्ञान को अनिवार्य करने का आदेश कर्नाटक महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने जारी किया है। राज्य के सीएम सिद्धारमैया और कर्नाटक महिला एवं बाल कल्याण मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर को इस बात की पूरी जानकारी है। ये जिला कर्नाटक में आता हैं और कर्नाटक में कन्नड़ अधिकारिक भाषा है, फिर भी उर्दू को अनिवार्य क्यों किया गया है? कर्नाटक सरकार इसका जवाब दें।





