नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद इकरा हसन के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। यह घटना 1 जुलाई की बताई जा रही है, जब सांसद इकरा हसन सहारनपुर के छुटमलपुर नगर पंचायत अध्यक्ष शमा परवीन के साथ क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर एडीएम संतोष बहादुर से मुलाकात करने पहुंची थीं।
सूत्रों के अनुसार, सांसद दोपहर करीब 1 बजे एडीएम कार्यालय पहुंचीं, लेकिन उन्हें बताया गया कि अधिकारी लंच पर हैं। बाद में, जब वह करीब 3 बजे दोबारा कार्यालय पहुंचीं, तो वहां कथित रूप से नगर पंचायत अध्यक्ष को एडीएम ने डांट दिया। जब सांसद इकरा हसन ने इस पर आपत्ति जताई, तो एडीएम संतोष बहादुर ने उन्हें दफ्तर से बाहर निकलने के लिए कह दिया और कहा कि “यह उनका कार्यालय है और वह जो चाहें, कहने और करने के लिए स्वतंत्र हैं।”
उच्च अधिकारियों को भेजी लिखित शिकायत
इस व्यवहार को लेकर सांसद इकरा हसन ने नाराजगी जताते हुए सहारनपुर मंडलायुक्त अटल राय, प्रमुख सचिव नियुक्ति और लखनऊ स्थित उच्च अधिकारियों को एक लिखित शिकायत भेजी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त ने जांच के आदेश देते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल को इसकी विस्तृत जांच सौंप दी है। वहीं, एडीएम संतोष बहादुर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने सांसद के साथ कोई भी अभद्रता नहीं की और जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे निराधार और भ्रामक हैं।
एडीएम संतोष बहादुर ने लगाए गए आरोपों का दिया जवाब
अपर जिलाधिकारी प्रशासन, संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि यह घटना 1 जुलाई 2025 की है। उन्होंने कहा कि उस समय वे फील्ड में थे और उनका मोबाइल वाइब्रेशन मोड पर था, जिसके कारण वे फोन नहीं देख पाए। उन्हें एडीएम फाइनेंस द्वारा सूचित किया गया कि सांसद उनके कार्यालय पर उपस्थित हैं, तब उन्होंने तुरंत कार्यालय लौटने का निर्णय लिया। वे लगभग 5 से 7 मिनट में ऑफिस पहुंचे।
एडीएम ने बताया कि उन्होंने सांसद को बुलाया, जिसके बाद सांसद कार्यालय आईं और उन्होंने अपनी नाराजगी जताई। सांसद ने छुटमलपुर नगर पंचायत से संबंधित शिकायत की, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को बुलवाने की बात कही। उन्होंने सांसद से कहा कि कोई भी शिकायत लिखित रूप में देनी होगी, क्योंकि शासनादेश के अनुसार केवल लिखित शिकायतों पर ही कार्रवाई की जाती है। लेकिन सांसद ने लिखित शिकायत देने से मना कर दिया।
संतोष बहादुर ने कहा कि वे खुद एक लोक सेवक हैं और अपनी सीमा जानते हैं। उन्होंने कहा, “सांसद को कैसे कोई गलत व्यवहार कर सकता है?” उन्होंने आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया। एडीएम ने कहा, “शासन से स्पष्ट निर्देश हैं कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान किया जाना चाहिए और मैं इसका पूरी तरह पालन कर रहा हूँ।”
सपा प्रवक्ता ने की ADM पर कठोर करवाई की मांग
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कैराना सांसद इकरा हसन के साथ हुए कथित अभद्रता मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जनता के नौकर और जनता के सेवक में फर्क होता है। वर्तमान भाजपा सरकार के तहत अधिकारी बेलगाम हो गए हैं। फखरुल हसन ने कहा कि सपा सांसद इकरा हसन एक महिला हैं और ऐसे में एक महिला सांसद के साथ एडीएम प्रशासन संतोष बहादुर सिंह का अभद्र व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का काम न करना और पूरे क्षेत्र में घूसखोरी और भ्रष्टाचार का बोलबाला होना एक बड़ी समस्या है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और संबंधित पर मुकदमा दर्ज कर कठोर सजा दी जानी चाहिए।




