नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के नेता जयंत चौधरी ने बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा है कि RLD राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनावों में हर सीट पर अकेले चुनाव लड़ेगी, यानी किसी पार्टी से गठबंधन नहीं होगा, न ही बीजेपी से।
BJP के लिए बढ़ सकती हैं दिक्कतें
जयंत चौधरी की पार्टी RLD राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सहयोगी है, ऐसे में उनका अकेले चुनाव लड़ने का फैसला बीजेपी के लिए सिरदर्द बन सकता है, खासकर पश्चिमी राजस्थान और जाट बहुल इलाकों में जहां RLD का प्रभाव है।
11 जुलाई को जयपुर आएंगे जयंत, करेंगे बड़ा सम्मेलन
जयंत चौधरी 11 जुलाई को जयपुर आने वाले हैं। वे पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और प्रदेश स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसके जरिए वे राजस्थान में पार्टी को मजबूती देने और चुनावी रणनीति तय करने पर जोर देंगे। राजस्थान के 190 शहरी निकायों में चुनाव कराने की तैयारी हो रही है। यह पहली बार होगा जब सभी नगर निकायों में एक साथ चुनाव कराए जाएंगे। फिलहाल परिसीमन (सीटों का पुनर्गठन) का काम जून तक पूरा होना है, उसके बाद मतदाता सूची में सुधार होगा और फिर चुनाव की तारीखें तय होंगी।
जयंत चौधरी ने रखी नई मांग – 18 साल की उम्र में चुनाव लड़ने का अधिकार
जयंत चौधरी ने संसद में यह मांग उठाई है कि चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 25 से घटाकर 18 साल की जाए। उनका तर्क है: “जब 18 की उम्र में वोट दे सकते हैं, शादी कर सकते हैं, नौकरी कर सकते हैं, ड्राइविंग लाइसेंस ले सकते हैं – तो फिर चुनाव क्यों नहीं लड़ सकते?” इस मुद्दे पर उन्होंने संसद में प्राइवेट मेंबर बिल लाने की बात कही है। राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों से पहले जयंत चौधरी के ऐलान ने राजनीति में हलचल मचा दी है। RLD का अकेले चुनाव लड़ना बीजेपी के लिए राजनीतिक समीकरण बिगाड़ सकता है। वहीं, जयंत की 18 साल में चुनाव लड़ने की मांग ने भी युवा राजनीति को नया मुद्दा दे दिया है। अब देखना होगा कि भाजपा और NDA इस चुनौती का सामना कैसे करते हैं।




