नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और पाकिस्तान तथा पाक अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकवादी शिविरों को नष्ट कर दिया। इतना ही नहीं पाकिस्तान ने भारतीय सीमा पर ड्रोन हमले का भी जवाब दिया। भारतीय सेना ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत चलाए गए अभियान में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का संदेश दुनिया तक पहुंचाने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया जा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का पक्ष रखने के लिए सभी दलों के सांसद विभिन्न देशों का दौरा करेंगे। बताया गया है कि केंद्र सरकार ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया को भारत का संदेश देने के लिए आने वाले दिनों में दुनिया भर के विभिन्न देशों में सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की योजना बना रही है।
रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने कई विपक्षी पार्टी के सांसदों से संपर्क किया है और उन्हें विभिन्न देशों में भेजे जा रहे प्रतिनिधिमंडलों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद भारत किस प्रकार एकजुट खड़ा है? रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार यह संदेश देने और पहलगाम आतंकवादी हमले का मुद्दा उठाने के लिए विदेश में एक विशेष दूत भेजने पर विचार कर रही है।
सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल गठित करेगी सरकार
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस संबंध में स्वतंत्र सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल गठित करने का प्रयास कर रही है। प्रारंभ में ये प्रतिनिधिमंडल यूरोप और खाड़ी देशों का दौरा करेंगे। इस बीच, विदेश मंत्रालय तथा लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय इस मामले पर काम कर रहे हैं। इसके जरिए इस प्रतिनिधिमंडल में भाग लेने वाले सांसदों की सूची तैयार की जाएगी। यह भी बताया जाएगा कि आतंकवादियों ने सबसे पहले भारत पर हमला किया था और फिर भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया था।
विपक्षी सांसदों को भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने दिया आमंत्रण
इस बीच, बताया जा रहा है कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से कई विपक्षी सांसदों को फोन आया है। उन्होंने राष्ट्रीय हित में उन्हें प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन सांसदों के साथ सरकार संपर्क में है उनमें कांग्रेस के शशि थरूर और सलमान खुर्शीद, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी, DMK की कनिमोझी और भाजपा के बैजयंत पांडा शामिल हैं।





