नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर व्यापारिक तनातनी के बीच एक अहम बयान सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Apple के CEO टिम कुक को भारत में एप्पल प्रोडक्ट्स न बनाने को कहा है। ट्रंप ने कहा कि वे नहीं चाहते कि Apple भारत में अपने उत्पाद बनाए। उन्होंने कहा कि “वो खुद अपना देख लेंगे।”
अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक चर्चाओं के दौरान एक और बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ने अमेरिका से आयात की जाने वाली कई वस्तुओं पर शून्य या कम टैरिफ लगाने की पेशकश की है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप का कहना है कि भारत अमेरिकी वस्तुओं पर आयात शुल्क में कटौती करने को तैयार है, क्योंकि वह अमेरिका के साथ इम्पोर्ट टैक्स को लेकर किसी समझौते पर पहुँचना चाहता है।
ट्रंप बोले- भारत से टैरिफ छूट पर बातचीत आगे बढ़ी, जल्द हो सकती है डील
कतर में गुरुवार को एक व्यापारिक सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत सरकार ने अमेरिका को एक प्रस्ताव दिया है, जिसमें वह अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) नहीं लगाने को तैयार है। ट्रंप ने इसे अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता में एक अहम प्रगति के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच एक व्यावसायिक समझौता संभव है और जल्द ही किसी ठोस परिणाम तक पहुंचा जा सकता है। इससे एक दिन पहले मिशिगन में दिए गए अपने संबोधन में भी ट्रंप ने भारत के साथ चल रही टैरिफ वार्ता को “बेहद सकारात्मक” बताया था। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि यह समझौता जल्द पूरा हो जाएगा।
Apple भारत में निर्माण न करें : ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे को स्पष्ट करते हुए Apple को भारत में निर्माण से परहेज करने की सलाह दी है। ट्रंप का कहना है कि भारत की ओर से लगाए गए हाई टैरिफ अमेरिकी कंपनियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं और यही वजह है कि वे नहीं चाहते कि Apple जैसी बड़ी अमेरिकी कंपनी भारत में अपने उत्पादों का निर्माण करे। ट्रंप की यह टिप्पणी Apple के CEO टिम कुक को सीधे संबोधित करते हुए आई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा Apple को अमेरिका में ही उत्पादन बढ़ाने की ओर है, जिससे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिले।
डोनाल्ड ट्रंप का यह आक्रामक टैरिफ अभियान अमेरिकी व्यापार घाटा कम करने और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, इसका असर भारत के कई निर्यात क्षेत्रों पर पड़ा है, खासकर समुद्री उत्पाद (सी फूड) और धातु (मेटल) के निर्यातकों पर।
90 दिनों के लिए भारतीय उत्पादों पर टैरिफ में राहत
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में प्रगति की संभावना को देखते हुए अमेरिका ने 10 अप्रैल से 9 जुलाई तक 90 दिनों के लिए भारतीय निर्यात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के फैसले को स्थगित कर दिया है। यह कदम उस समय उठाया गया जब दोनों देशों के बीच संभावित व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिले। इससे पहले, 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए करीब 60 देशों से आयातित उत्पादों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इस फैसले के तहत भारत से आयात होने वाले श्रिंप और स्टील जैसे उत्पादों पर 26% तक का शुल्क प्रस्तावित किया गया था।
ट्रंप के ऐलान के बाद शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की थी, लेकिन दिन के मध्य में आए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े ऐलान ने माहौल पूरी तरह बदल दिया। बाजार में अचानक तेजी देखने को मिली और निवेशकों में जबरदस्त उत्साह नजर आया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 300 अंकों की बढ़त के साथ ट्रेड करता हुआ दिखाई दिया।





