नई दिल्ली, रफतार डेस्क। आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने बड़ा फैसला लिया है। गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
सहमति नहीं बनी सरकार और विपक्ष में
सरकार की ओर से कोशिश थी कि उपराष्ट्रपति के नाम पर आम सहमति बने। लेकिन एनडीए ने दो दिन पहले ही सीपी राधाकृष्णन का नाम घोषित कर दिया था। इसके बाद विपक्ष ने अपना उम्मीदवार उतारने का फैसला किया। हालांकि, आम आदमी पार्टी समेत सभी विपक्षी दलों ने रेड्डी के नाम पर सहमति जताई।
कौन हैं बी. सुदर्शन रेड्डी?
1946 में जन्मे सुदर्शन रेड्डी की प्रारंभिक पढ़ाई-लिखाई आंध्र में ही हुई है. उस्मानिया विश्वविद्यालय ने रेड्डी ने वकालत की डिग्री हासिल की इसके बाद मशहूर वकील के प्रताप रेड्डी के अधीन काम शुरू किया, अगस्त 1988 में रेड्डी को हाईकोर्ट में सरकारी वकील नियुक्त किया गया, 1993 में रेड्डी आंध्र प्रदेश के एडिशनल जज नियुक्त किए गए. 2005 में रेड्डी को गुवाहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। 2007 से 2011 सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश रहे और फिर 2013 में रेड्डी को गोवा का लोकायुक्त नियुक्त किया गया था।
रेड्डी को ही क्यों चुना गया?
बीजेपी ने दक्षिण भारत से ताल्लुक रखने वाले सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस और INDIA ब्लॉक भी इस क्षेत्र को साधना चाहते थे। इसलिए उन्होंने तेलंगाना से आने वाले रेड्डी को आगे किया। सिर्फ इतना ही नहीं, सुदर्शन रेड्डी ने तेलंगाना जातिगत सर्वेक्षण की टीम का नेतृत्व किया था। राहुल गांधी लगातार कास्ट सेंसस का मुद्दा उठा रहे हैं, ऐसे में रेड्डी का उम्मीदवार बनना विपक्ष की रणनीति को और धार देगा।
उपराष्ट्रपति चुनाव में सुदर्शन रेड्डी VS राधाकृष्णन
एनडीए ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है. दिलचस्प बात यह है कि इस चुनाव के दोनों ही उम्मीदवार दक्षिण भारत से आते हैं. राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में हुआ था. वहीं इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी आंध्र प्रदेश से हैं.




