नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तराखंड में 1 जनवरी से बाहरी वाहनों पर 80-700 रुपये ग्रीन सेस लागू होगा जिसका भुगतान फास्टैग से होगा और कुछ वाहन इससे मुक्त रहेंगे। उत्तराखंड में नए साल से राज्य में प्रवेश करने वाले अन्य राज्यों के वाहनों को ग्रीन सेस देना होगा। परिवहन विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार वाहन की श्रेणी और भार के आधार पर यह शुल्क 80 रुपये से लेकर 700 रुपये तक तय किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद परिवहन विभाग ने ग्रीन सेस व्यवस्था को 1 जनवरी से लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है।
देरी पर सीएम धामी की नाराजगी
गुरुवार को सचिवालय में वित्तीय वर्ष 2025-26 की राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रीन सेस लागू करने में हो रही देरी पर परिवहन अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यह योजना फरवरी 2024 में लागू होनी थी और दरों में संशोधन भी किया गया, फिर भी इसे प्रभावी नहीं किया जा सका। इससे राज्य को अब तक करीब 100 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य के विकास के लिए राजस्व संसाधनों को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
फास्टैग से होगी वसूली, बॉर्डर पर तैयारियां पूरी
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर 10 बॉर्डर चेक पोस्ट पूरी तरह तैयार हैं, जबकि छह अन्य पर कार्य अंतिम चरण में है। यहां लगाए गए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों से वाहन की पहचान होते ही फास्टैग खाते से ग्रीन सेस स्वतः कट जाएगा। इससे सालाना लगभग 50 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व की उम्मीद है, जिसे पर्यावरण संरक्षण और विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा।
किस वाहन पर कितना लगेगा शुल्क
भारी वाहनों पर एक्सल के आधार पर 450 से 700 रुपये तक ग्रीन सेस लगेगा। भारी निर्माण उपकरण वाहनों से 250 रुपये, 7.5 से 18.5 टन के वाहनों से 250 रुपये, 3 से 7.5 टन के हल्के माल वाहनों से 120 रुपये और तीन टन तक की डिलीवरी वैन से 80 रुपये वसूले जाएंगे।
कार और बसों पर भी तय शुल्क
12 सीट से अधिक की बसों पर 140 रुपये, जबकि मोटर कैब, मैक्सी कैब और पैसेंजर कार पर 80 रुपये ग्रीन सेस निर्धारित किया गया है। एक बार दिया गया शुल्क पूरे दिन के लिए मान्य होगा। 20 गुना शुल्क देने पर तीन माह और 60 गुना शुल्क देने पर एक वर्ष की छूट मिलेगी।
इन वाहनों को दी जाएगी पूरी छूट
दूसरे राज्यों के दोपहिया वाहन, केंद्र और राज्य सरकार के वाहन, एंबुलेंस, शव वाहन, फायर टेंडर, सेना के वाहन, ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी ग्रीन सेस से मुक्त रहेंगे। साथ ही इलेक्ट्रिक, सोलर, हाइब्रिड और सीएनजी वाहन भी इस छूट का लाभ प्राप्त करेंगे।
राजस्व बढ़ाने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर चोरी रोकने के लिए एआई आधारित तकनीक का अधिक इस्तेमाल किया जाए और राजस्व की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि राज्य की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सके।





