नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 5 नवंबर 2024 को बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि आतंकवादियों को पनाह देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, उनके घरों को गिरा दिया जाएगा। मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता के साथ खड़े होने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा बल, जम्मू कश्मीर प्रशासन और स्थानीय लोग एकसाथ हो जाए तो एक साल में ही जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद का सफाया हो सकता है।
“दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए”
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 5 नवंबर 2024 को उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किया। जिसमे उन्होंने कहा कि मैने सुरक्षा बलों को निर्देश दे दिए हैं कि वे किसी भी निर्दोष को नुकसान न पहुंचाएं। लेकिन दोषियों को किसी भी हाल में बख्सा न जाए। अगर कोई आतंकवादियों को शरण देता है, तो उसके घर को गिरा दिया जाए। इसपर किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मनोज सिन्हा ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि कुछ लोग बड़े ही आसानी से बयान दे देते हैं कि आतंकवादियों को शरण देने वालों पर अत्याचार किए जा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह अत्याचार नहीं है, बल्कि न्याय की एक बड़ी मांग है और इस तरह का न्याय आगे भी जारी रहेगा।
“यहां के लोग ही पड़ोसी देश के निर्देश पर ऐसा कर रहे हैं”
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपनी बात रखते हुए आगे कहा कि हमारा पड़ोसी देश यहां अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन हमें इस बात से ज्यादा यह चिंता हो रही है कि यहां के लोग ही पड़ोसी देश के निर्देश पर ऐसा कर रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान करना केवल सुरक्षाबलों और जम्मू-कश्मीर प्रशासन का ही काम नहीं है, बल्कि यहां के लोगों का भी काम है। इसके बाद मनोज सिन्हा ने कहा कि अगर लोग आतंवादियों को शरण देते हैं और फिर कहते हैं कि हम उन लोगों के साथ अन्याय कर रहे हैं, तो बात बिल्कुल सही नहीं है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर के लोगों से आतंकवाद के खिलाफ एक साथ खड़े होने की बात कहते हुए कार्यक्रम में मौजूद लोगों से पूछा कि क्या किसी को उन लोगों की हत्या करने का अधिकार है, जो जम्मू कश्मीर में संपर्क बेहतर बनाने के लिए काम करते हैं। बता दें कि मनोज सिन्हा का यह सवाल गंदेरबल जिले के गगनगीर इलाके में सुरंग निर्माण स्थल पर 20 अक्टूबर 2024 को आतंकवादियों द्वारा एक स्थानीय चिकित्सक और 6 प्रवासी मजदूरों की हत्या को लेकर था।




