नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। दिल्ली के रिज क्षेत्र में 1100 पेड़ो को अवैध रूप से काटा गया था। इस मामलें के लिए सुप्रीम कोर्ट में बुधवार 16 अक्टूबर को सुवाई हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने पेंड़ो की कटाई से संबंधित मुद्दों पर DDA अध्यक्ष और दिल्ली के उपराज्यपाल से व्यक्तिगत हलफनामा मांगेगा।
कौन कर रहा है मामले की सुनवाई?
आपकों बता दें कि रिज क्षेत्र में पेड़ों की कथित कटाई को लेकर DDA उपाध्यक्ष सुभाषिश पांडा और अन्य लोगों के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई अब CJI की अध्यक्षता वाली बेंच कर रही हैं। इससे पहले न्यायमूर्ति उज्जल भुयान और अभय एस ओका की बेंच ने मामले की सुनवाई की थी। पिछली जजों की बेंच ने छतरपुर से दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय तक सड़क निर्माण के लिए दक्षिणी रिज के सतबारी क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की अनुमति देने के आरोप में सुभाषिश पांडा के खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया था।
न्यायधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच के मामले से जुड़े सवाल
SC के मुख्य न्यायधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की बेंच रिज क्षेत्र की पेड़ों की कथित कटाई को लेकर डीडीए और अन्य के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई कर रही थी। जजों की बेंच ने डीडीए के अध्यक्ष से कुछ सवाल पूछे जिसमे पहला सवाल था, क्या पेड़ों को काटने की अनुमति के बारे में उन्हें कोई जानकारी थी? दूसरा सवाल, ‘LG को कब सूचित किया गया कि अनुमति की आवश्यकता जरुरी है?’ तीसरा, ‘उपचारात्मक उपाय के रूप में क्या कदम उठाए गए थे?’, और फिर चौथा सवाल था, रिज की प्राचीन प्रकृति को संरक्षित करने के लिए SC आदेश होने के बाद से दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने DDA पर लगाई थी फटकार
24 जुलाई को न्यायमूर्ति बीआर गवई, न्यायमूर्ति पी के मिश्रा और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की बेंच ने कहा था कि दिल्ली के रिज इलाके में पेड़ काटने को लेकर SC ने जो आदेश दिया था उसकी अवमानना करने वालों का कोर्ट ने संज्ञान लिया है।
कोर्ट ने कहा था कि वो न्याय में विश्वास रखती है। इसके अलावा कोर्ट नही चाहती की दोबारा उस मामले पर कोई कड़ी कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने अवमानना के मामले में DDA को फटकार लगाई थी।
AAP ने पेड़ काटने के आरोप में LG पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी (AAP) से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने LG पर आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क बनाने में हाउसेज की जमीन जा रही थी और फार्म हाउस की जमीन बेचने के लिए 1100 पेड़ काटने की अनुमति LG ने दी थी। दूसरी तरफ मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिल्ली के रिज इलाके में 100 हरे पेड़ काटे गए और यह सुप्रीम कोर्ट की याचिका में कहा गया है कि DDA ने ई-मेल भेजकर पेड़ काटने की अनुमति दी थी। उन्होंने बताया कि उप राज्यपाल ने पेड़ काटने के लिए मौखिक आदेश दिया था।





