नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद निर्मम हत्या के मामले की आज 21 अगस्त 2024 को सुनवाई हुई। कोलकाता हाईकोर्ट ने इस मामले में पश्चिम बंगाल की सरकार को फटकार लगाई है। कोलकाता हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम और न्यायमूर्ति एच भट्टाचार्य की बेंच ने की।
सुप्रीम कोर्ट इस मामले में संज्ञान ले चुका है
पश्चिम बंगाल सरकार ने मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम और न्यायमूर्ति एच भट्टाचार्य की बेंच को कहा कि हमने आपके पिछले आदेश के अनुसार अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। वहीं कोलकाता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम और न्यायमूर्ति एच भट्टाचार्य की बेंच ने पश्चिम बंगाल की सरकार को कहा कि आप इस रिपोर्ट को अपने पास ही रखें। कोलकाता हाईकोर्ट ने इसका कारण बताते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में संज्ञान ले चुका है।
पीड़िता की पहचान उजागर होने को लेकर अपनी चिंता जताई
कोलकाता हाईकोर्ट में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद निर्मम हत्या के मामले की सुनवाई में पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से पेश वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अस्पताल में सीआईएसएफ की सुरक्षा मुहैया करवा दी गई है। वहीं कोलकाता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से पीड़िता की पहचान उजागर होने को लेकर अपनी चिंता जताई है। कोलकाता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के वकील की सलाह को मानते हुए कहा कि हम मीडिया को आदेश देंगे की वे पीड़िता और उसके परिवार की पहचान को उजागर न करें। कोलकाता हाईकोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 सितंबर 2024 की रखी है।
न्यायिक अनुशासन के लिए हमें इंतजार करना पड़ जाता है
कोलकाता हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अस्पताल में CISF की सुरक्षा मुहैया करा दी गई। कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा कि सीबीआई और पश्चिम बंगाल सरकार 22 अगस्त 2024 तक अपनी रिपोर्ट सौंप देंगे। न्यायिक अनुशासन के लिए हमें इंतजार करना पड़ जाता है।





